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Haryana: सेवानिवृत्ति के 24 घंटे बाद ही खुल्लर बने सीएम के मुख्य प्रधान सचिव, ढेसी को रिलीव किया
Sat, 02 Sep 2023 12:12 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 02 Sep 2023 12:12 AM IST
सार
हरियाणा सरकार ने ढेसी को शुक्रवार सुबह रिलीव कर दिया डीएस ढेसी को कुछ ही घंटे बाद ही अर्बन डेवलेपमेंट का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है।
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खुल्लर बने सीएम के मुख्य प्रधान सचिव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सेवानिवृत्ति के 24 घंटे बाद ही पूर्व वरिष्ठ आईएएस राजेश खुल्लर को हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का नया मुख्य प्रधान सचिव नियुक्त किया है। 1988 बैच के आईएएस खुल्लर गुरुवार वित्तायुक्त (राजस्व), आपदा प्रबंधन, स्कूल शिक्षा विभाग व जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद से रिटायर हुए थे। खुल्लर 1982 बैच के सेवानिवृत्त आईएएएस डीएस ढेसी की जगह लेंगे।
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वहीं, हरियाणा सरकार ने ढेसी को शुक्रवार सुबह रिलीव कर दिया। उसके बाद कुछ ही घंटे बाद सरकार ने एक नया लेटर जारी कर जानकारी दी कि डीएस ढेसी को अर्बन डेवलपमेंट का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया जाता है। साथ ही उन्हें फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत में महानगरीय विकास प्राधिकरणों के समग्र पर्यवेक्षण और मार्गदर्शन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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रिटायरमेंट के बाद सीएमओ में इतने बड़े ओहदे पर नियुक्ति पाने वाले खुल्लर दूसरे आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले ढेसी को मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में मुख्य प्रधान सचिव पद पर नियुक्ति मिली थी। ढेसी से पहले किसी नौकरशाह को सीएमओ में इतनी बड़ी नियुक्ति नहीं मिली थी।
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पूर्व वरिष्ठ आईएएस राजेश खुल्लर की मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पसंदीदा अधिकारियों में गिनती होती है। वे अपने काम में काफी माहिर हैं। मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान साल 2015 में उन्हें सीएम के प्रधान सचिव के तौर पर नियुक्त किया गया। दूसरी बार सरकार आने पर भी वह इसी पद पर बने रहे।
सितंबर 2020 में खुल्लर को तीन साल की अवधि के लिए वाशिंगटन डीसी में विश्व बैंक का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया। इस साल फरवरी में राज्य सरकार के अनुरोध पर खुल्लर को उनके मूल कैडर (हरियाणा) में वापस भेज दिया गया था। वहां से लौटने के बाद सरकार ने खुल्लर को वित्तायुक्त राजस्व समेत कई पदों पर अहम जिम्मेदारी दी।
रिटायरमेंट के बाद सीएम चाहते थे कि उनके अनुभव का लाभ उठाया जाए। ढेसी का भी सीएम के साथ काफी अच्छा तालमेल रहा है। इसलिए उन्हें भी रिलीव होने के बाद तुरंत नियुक्ति दे दी गई। चुनाव नजदीक है, इसलिए दोनों की नियुक्तियां सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं।
रिटायर्ड आईएएस को मिलती रही है राज्य में अहम जिम्मेदारी
पद से रिटायर होने के बाद वरिष्ठ आईएएस को राज्य में पहले भी अहम जिम्मेदारी मिलती रही है। पिछले कुछ सालों में रिटायर हुए अधिकारी अपनी दूसरी पारी में कई अहम पदों को संभाल रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से पूर्व मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा को हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण का चेयरमैन, पूर्व आईएएस पीके दास को बिजली निगम का चेयरमैन, देवेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री का सलाहकार (सिंचाई), पूर्व मुख्य सचिव विजय वर्धन को मुख्य सूचना आयुक्त, वरिष्ठ आईएएस टीसी गुप्ता को सेवा का अधिकार आयोग का चेयरमैन, पूर्व आईएएस नवराज संधू को हरियाणा राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण (एचएसपीसीए) का चेयरपर्सन, पूर्व आईएएस अधिकारी राजीव अरोड़ा को गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण (क्यूएए) का चेयरमैन, वीएस कुंडू को राजस्व आयोग का चेयरमैन, पूर्व भारतीय वन सेवा अधिकारी आलोक वर्मा को हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएसी) का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
जल्द और होंगे बदलाव
खुल्लर की सेवानिवृत्ति के साथ वित्तायुक्त राजस्व की कुर्सी खाली हो गई है। वरिष्ठता के हिसाब से होम सेक्रेटरी टीवीएसएन प्रसाद का नाम सबसे ऊपर है। माना जा रहा है कि प्रसाद की नियुक्ति जल्द हो सकती है। यदि प्रसाद को चार्ज दिया जाता है तो होम सेक्रेटरी की कुर्सी खाली होगी। इस पद पर सुधीर राजपाल का नाम चल रहा है।
उधर, हरियाणा में आईएएस अफसरों की कमी
हरियाणा में आईएएस की भारी कमी है। हरियाणा में कुल अधिकृत पद 215 है, लेकिन वर्तमान में 171 ही आईएएस कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस मुद्दे को लेकर कई बार केंद्र से चिंता जता चुके हैं। उन्होंने केंद्र से भी इसको लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि अफसरों को विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी देनी पड़ रही है। वहीं, इनमें से कई अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में तैनात हैं।