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महिला मंत्री बोली, आगजनी में फंसा था भतीजा, कोई नहीं आया

Sun, 28 Feb 2016 11:45 AM IST
जितेंद्र सहारण/अमर उजाला, झज्जर
जितेंद्र सहारण/अमर उजाला, झज्जर Updated Sun, 28 Feb 2016 11:45 AM IST
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haryana jat protest and voilence, geeta bhukkal house fired

उपद्रवी मेरी कोठी जला रहे थे। मेरा भतीजा आगजनी में फंसा रो रहा था, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। ये दर्द बयां किया पूर्व कांग्रेस मंत्री गीता भुक्कल ने। कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री गीता भुक्कल की कोठी उपद्रवियों के निशाने पर है। इसका आभास 20 फरवरी की दोपहर को ही हो गया था।

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भाजपा नेता की कोठी में तोड़फोड़ और आगजनी के बाद उपद्रवी चिल्ला रहे थे कि भुक्कल की कोठी पर चलो। उपद्रवी इसके बाद बिजली निगम पर पहुंचे वहां भी आगजनी की फिर वही नारे लगे कि अब भुक्कल की बारी। गीता भुक्कल ने कहा कि वहां मौजूद एक समर्थक के फोन से मैंने खुद उपद्रवियों की आवाज को सुना। मैंने तुरंत ही एसपी को फोन किया, फोन नहीं उठा।
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उस समय मैं थोड़ी परेशान हुई, लेकिन जेठ की मौत के गम के आगे थोड़ी देर मैं इस मामले को भूल गई। लेकिन तक देर शाम सूचना मिली कि मेरी कोठी में आगजनी कर दी गई है। मैंने तुरत ही प्रशासनिक अधिकारियों को करीब 125 बार फोन, एसएमएस व वाट्सएप मैसेज किए, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली।
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भुक्कल ने कहा कि प्रशासन की ओर से मेरे हलके और मेरे घर को कोई मदद नहीं मिली। कोठी जलती रही, अंदर फंसा मेरा भतीजा रोता रहा, लेकिन कोई नहीं आया। भला हो पड़ोसियों का जिनकी मदद से मेरा भतीजा बाहर निकल पाया। गीता भुक्कल नाराज होते हुए बोलीं कि जब एक विधायक के प्रति प्रशासन का ये जवाब था तो आमम जन के साथ क्या बीती होगी, सहज ही अंदाजा संभव है।

बाद में एसपी ने किया मैसेज, मैं फंसा हूं

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गीता भुक्कल ने बताया कि बाद में मैसेज आया कि वे कहीं फंसे हैं। इसके बाद एसपी कार्यालय में उन्होंने जानकारी दी। वहां से फोर्स भेजने का आश्वासन दिया गया। तब तक जानकारी मिली कि उपद्रवियों ने घर के गैस सिलेंडरों को आग लगा दिया है।

अफसोस फोर्स तब तक नहीं पहुंची। गीता भुक्कल ने बताया कि आगजनी के अगले दिन उन्होंने डीसी, एसपी, डीआईजी सिक्योरिटी, विधानसभा स्पीकर तक को फोन किए, लेकिन या तो फोन उठे या फिर मदद का झूठा आश्वासन दिया।

पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी बात की। कहीं से कुछ नहीं हुआ। घटना के वक्त की तो दूर, चार दिन बाद भी प्रशासन या पुलिस का कोई अधिकारी विधायक की कोठी की सुध लेने नहीं पहुंचा।

डीसी बोली माहौल खराब आना मत

गीता भुक्कल ने बताया कि मैंने डीसी अनीता यादव से बात की, तो वे बोली कि राजनेताओं के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है, शहर मत आना। डीसी ने उनको बार बार आने से रोका। चौथे दिन वे शहर पहुंची, हाल देखा। डीसी से बात की, लेकिन कोई जवाब नहीं था।

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