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'दबंग' IAS अशोक खेमका ने अब किया ऐसा ट्वीट, मच जाएगी खलबली
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 01 Feb 2018 04:35 PM IST
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आईएएस अशोक खेमका
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देश के 'दबंग' आईएएस अशोक खेमका का पुराना दर्द फिर छलक गया। अब उन्होंने एक ऐसा ट्वीट कर डाला है कि खलबली मच जाएगी। दरअसल खेमका ने चुनाव के दौरान पार्टियों को की जाने वाली कारपोरेट फंडिंग पर सवाल खड़ा कर दिया है। खेमका ने ट्वीट के माध्यम से राजनीतिक दलों पर हमला बोलते हुए चुनाव में शुचिता का आचरण करने की सलाह दी है। साथ ही हाल ही में प्रकाशित एक लेख को संलग्न करते हुए डीएलएफ पर भी निशाना साध दिया है।
खेमका ने ट्वीट के माध्यम से कहा है कि अब समय आ गया है कि राज्य अपनी फंडिंग पर ध्यान दें। कारपोरेट समूह से सीधी फंडिंग से राजनीतिक दलों की शुचिता और आचरण पर सवाल खड़ा होता है। ट्वीट में एक लाइन डीएलएफ को भी इंगित की है। एक्र अंग्रेजी के लेख को संलग्न करते हुए खेमका के इस ट्वीट से राजनीति में हलचल होनी लाजमी है। जिस लेख का जिक्र किया है। उसमें यह कहा गया है कि इक्कीस राजनीतिक संस्थाओं को कारपोरेट सेक्टर से भारी मात्रा में फंडिंग होती है।
यह लेख पढ़ने के बाद खेमका का पुराना दर्द एक बार फिर से छलक आया है। वाड्रा डीएलएफ लैंड डील को उजागर करने वाले खेमका ने दरअसल व्यवस्था पर तंज कसा है। ढींगरा आयोग की रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे खेमका को यह आस है कि रिपोर्ट निष्पक्ष होगी। बहरहाल रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है। मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण रिपोर्ट लंबित है। मालूम हो कि भाजपा ने अपने राजनीतिक मंच पर राबर्ट वाड्रा लैंड डील का मुद्दा ढंग से उछाला था। चुनाव के दौरान पार्टी ने इसे विपक्ष का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार करार दिया था।
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खेमका ने ट्वीट के माध्यम से कहा है कि अब समय आ गया है कि राज्य अपनी फंडिंग पर ध्यान दें। कारपोरेट समूह से सीधी फंडिंग से राजनीतिक दलों की शुचिता और आचरण पर सवाल खड़ा होता है। ट्वीट में एक लाइन डीएलएफ को भी इंगित की है। एक्र अंग्रेजी के लेख को संलग्न करते हुए खेमका के इस ट्वीट से राजनीति में हलचल होनी लाजमी है। जिस लेख का जिक्र किया है। उसमें यह कहा गया है कि इक्कीस राजनीतिक संस्थाओं को कारपोरेट सेक्टर से भारी मात्रा में फंडिंग होती है।
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यह लेख पढ़ने के बाद खेमका का पुराना दर्द एक बार फिर से छलक आया है। वाड्रा डीएलएफ लैंड डील को उजागर करने वाले खेमका ने दरअसल व्यवस्था पर तंज कसा है। ढींगरा आयोग की रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे खेमका को यह आस है कि रिपोर्ट निष्पक्ष होगी। बहरहाल रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है। मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण रिपोर्ट लंबित है। मालूम हो कि भाजपा ने अपने राजनीतिक मंच पर राबर्ट वाड्रा लैंड डील का मुद्दा ढंग से उछाला था। चुनाव के दौरान पार्टी ने इसे विपक्ष का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार करार दिया था।
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