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जाट आंदोलन को लेकर सरकार की बड़ी कार्रवाई, 3 HCS सस्पेंड
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 21 May 2016 11:59 AM IST
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सीएम मनोहर लाल खट्टर
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हरियाणा सरकार ने आज तीन एचसीएस अफसरों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। हिंसा के दौरान लापरवाही बरतने को लेकर यह कार्रवाई की गई। दरअसल, हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव की जांच रिपोर्ट मिलते ही सरकार ने कार्रवाई का दौर शुरू कर दिया है। सबसे पहली गाज तीन एचसीएस अफसरों पर गिरी। इनमें पंकज सेतिया, जगदीप सिंह और धर्मेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट में इनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
ये तीनों अफसर जाट आंदोलन के वक्त अलग अलग जिलों में तैनात थे। पंकज सेतिया जहां झज्जर के एसडीएम थे वहीं धर्मेंद्र सिंह गोहाना के SDM और जगदीप सिंह हांसी के एसडीएम थे। बताया जा रहा है कि इन तीनों का नाम उन 90 अफसरों में शुमार है, जिन्हें प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट में लापरवाह बताया गया है। प्रकाश सिंह की रिपोर्ट आने के बाद मनोहर सरकार ने गृह सचिव पीके दास को भी हटा दिया था।
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ये तीनों अफसर जाट आंदोलन के वक्त अलग अलग जिलों में तैनात थे। पंकज सेतिया जहां झज्जर के एसडीएम थे वहीं धर्मेंद्र सिंह गोहाना के SDM और जगदीप सिंह हांसी के एसडीएम थे। बताया जा रहा है कि इन तीनों का नाम उन 90 अफसरों में शुमार है, जिन्हें प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट में लापरवाह बताया गया है। प्रकाश सिंह की रिपोर्ट आने के बाद मनोहर सरकार ने गृह सचिव पीके दास को भी हटा दिया था।
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अभी रिपोर्ट का अध्ययन जारी, और लोगों पर गिरेगी गाज
पंचकूला में सीएम मनोहर लाल खट्टर की रैली
- फोटो : amar ujala
गौरतलब है कि उपद्रव की जांच के लिए गठित प्रकाश सिंह कमेटी ने 13 मई को 71 दिनों बाद राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस आंदोलन के हिंसक होने की सबसे बड़ी वजह अधिकारियों की लापरवाही है। रिपोर्ट में इन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की सिफारिश की गई।
रिपोर्ट में इन अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे, क्योंकि आंदोलन के दौरान गोहाना, हांसी और झज्जर हिंसा प्रभावित इलाके रहे थे। झज्जर और गोहाना में काफी नुकसान हुआ। गोहाना के एसडीएम जगदीप सिंह पर तो राजनीतिक लोगों के दबाव में काम करने के भी आरोप लगे थे।
सूत्रों के अनुसार सरकार अभी प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। इस दौरान जैसे-जैसे अधिकारियों की भूमिका वास्तव में संदिग्ध लग रही है वैसे-वैसे उन पर कार्यवाही की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, प्रकाश सिंह की रिपोर्ट में इन तीनों एचसीएस के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। जिसके बाद सरकार ने शुक्रवार को यह फैसला लिया गया।
रिपोर्ट में इन अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे, क्योंकि आंदोलन के दौरान गोहाना, हांसी और झज्जर हिंसा प्रभावित इलाके रहे थे। झज्जर और गोहाना में काफी नुकसान हुआ। गोहाना के एसडीएम जगदीप सिंह पर तो राजनीतिक लोगों के दबाव में काम करने के भी आरोप लगे थे।
सूत्रों के अनुसार सरकार अभी प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। इस दौरान जैसे-जैसे अधिकारियों की भूमिका वास्तव में संदिग्ध लग रही है वैसे-वैसे उन पर कार्यवाही की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, प्रकाश सिंह की रिपोर्ट में इन तीनों एचसीएस के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। जिसके बाद सरकार ने शुक्रवार को यह फैसला लिया गया।