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RTI में बड़ा खुलासा, गीता जयंती में सरकार ने एक गीता ग्रंथ को 38 हजार में खरीदा

Tue, 09 Jan 2018 10:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 09 Jan 2018 10:04 AM IST
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Haryana govt spent Rs 3.80 lakh on purchase of 10 Gita books
Bhagavad gita
हिंदुओं का धार्मिक ग्रंथ गीता कम रेट में भी मार्केट में उपलब्ध है, लेकिन सरकार ने आस्था के नाम पर लाखों रुपये अदा कर गीता ग्रंथ की प्रतियां खरीदीं। जाहिर है कि गीता ग्रंथ खरीद में न केवल भारी अनियमितताएं बरती गई, बल्कि जनता के खून-पसीने की कमाई पानी की तरह बहाई गई।
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 सांसद दुष्यंत ने यह आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की है। दुष्यंत ने कहा है कि मुख्यमंत्री को इस मामले में आगे आकर इसका न केवल जवाब देना चाहिए, बल्कि पूरी खरीद प्रक्रिया की जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इसकी निष्पक्ष जांच नहीं करवाई तो गीता महोत्सव आयोजन की पूरी खरीद प्रक्रिया का मामला सीएजी के समक्ष रखेंगे।
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सांसद ने आरटीआई के माध्यम से गीता ग्रंथ खरीद का खुलासा करते हुए कहा है कि गीता ग्रंथ की 10 प्रतियां तीन लाख 79 हजार 500 रुपये में खरीदी गई। यानी एक गीता की कीमत 37 हजार 950 रुपये है। उन्होंने इतनी मंहगी गीता पुस्तक खरीदने पर सवाल किए हैं, जबकि बाजार में इससे काफी कम कीमत पर गीता की प्रतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा है कि प्रगति मैदान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में तो गीता प्रेस गोरखपुर वाले 40 पैसे में एक गीता उपलब्ध करवा रहे हैं, जबकि ऑनलाइन खरीदने पर गीता की प्रति 200 से 300 रुपये में उपलब्ध है। अन्य कई प्रकार की गीता की पुस्तकें काफी कम कीमत पर उपलब्ध हैं।
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प्रदेश सरकार से पूछा है कि ऐसा इस खरीदी गई गीता ग्रंथ की पुस्तक में क्या था, जिसके लिए इतनी कीमत अदा की गई। मनोहर लाल की सरकार ने जनता के पैसे का दुरुपयोग करते हुए भारी भरकम कीमत वाली गीता ग्रंथ खरीदी है।

कल्चरल प्रोग्राम पर करोड़ों रूपये खर्च

Haryana govt spent Rs 3.80 lakh on purchase of 10 Gita books
ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती महोत्सव - फोटो : File Photo
कल्चरल प्रोग्राम पर करोड़ों रूपये खर्च
रिपोर्ट के अनुसार, गीता जयंती में हुए खर्चों में कल्चरल प्रोग्रामों पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया गया है। आंकड़े में करीब 20 कल्चरल प्रोग्राम पर लगभग 4 करोड़, 61 हजार रूपये खर्च किए गए हैं। अन्य प्रोग्रामों में खर्च की जानकारी अभी नहीं प्राप्त हुई।

इन प्रोग्रामों में सबसे बड़ी राशि 15 लाख नाट्य विहार कला केंद्र को दी गई, जिसकी कलाकार हेमा मालिनी थी। दूसरी टीम कला मंच सफीदों (जींद) की थी इस टीम के नाम भी 10 लाख रूपये दिखाए गए हैं, एक और प्रोग्राम टीम को 10 लाख की राशि दी गई जो कि मनोज तिवारी के नाम से थी। गीता जयंती के दौरान इन्विटेशन कार्डों का  खर्च 54,299 रूपये दिखाया गया है।

सीएम का बयान
गीता जयंती महोत्सव में इनेलो द्वारा लगाई आरटीआई से उठे सवाल पर सीएम मनोहर लाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। सीएम ने कहा कि आरटीआई लगाने से सूचना मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सोच समझकर खर्च किया है, वे जिन कामों पर खर्च करते हैं उन्होंने दस जन्म में भी कभी नहीं सोचा होगा। हमने ढंके की चोेट खर्च किया है अौर आगे भी करेंगेे। मनोहर लाल ने कहा कि हम जो करते हैं उससे मनुष्य निर्माण, समाज निर्माण, सामाजिक चेतना जागृत होती है। 
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