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एवरेस्ट फतेह कर सब्जियां बेचता था, कोर्ट ने नौकरी दिलाई, पर सरकार बनी दुश्मन

Wed, 13 Sep 2017 09:06 AM IST
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 13 Sep 2017 09:06 AM IST
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haryana govt filed petition against reward money to mount everest winner ram ramlal
पर्वतारोही रामलाल
माउंट एवरेस्ट फतेह करके सब्जियां बेचकर गुजर बसर करता था। जैसे तैसे करके हाईकोर्ट ने नौकरी दिला दी, लेकिन अब सरकार दुश्मन बन गई है। दरअसल, हरियाणा सरकार ने पर्वतारोही रामलाल को डीएसपी का पद खाली न होने पर पहले एसआई की नौकरी थमा दी और अब 21 लाख इनाम के आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है।
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हालांकि, हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को इस मामले में तत्काल कोई राहत न देते हुए पूछा कि आदेशों को चुनौती देने में इतनी देरी क्यों की गई। इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के सामने याचिका में रामलाल ने आरोप लगाया था कि माउंट एवरेस्ट पर फतह किया था और इसके बावजूद हरियाणा सरकार ने उसे नौकरी नहीं दी।
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याची ने कहा था कि उसकी दो साथी अनीता और कांता देवी, जिन्होंने याची के साथ ही एवरेस्ट फतेह किया था, उन्हें हरियाणा पुलिस में नौकरी दी जा चुकी है। रामलाल ने वर्ष 2013 में अपनी दो साथियों अनीता और कांता के साथ एवरेस्ट फतेह कर वहां तिरंगा लहराया था।
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इस पर हुडा सरकार ने अनीता और कांता को पुलिस में एसआई के पद पर नौकरी दे दी। परंतु रामलाल को न तो कोई नौकरी दी गई न ही कोई इनाम।

 

सरकार ने उसे 5 लाख रुपये इनामी राशि दे दी थी

haryana govt filed petition against reward money to mount everest winner ram ramlal
पर्वतारोही रामलाल
बाद में मीडिया में इस विषय पर समाचार प्रकाशित होने पर सरकार ने उसे 5 लाख रुपये इनामी राशि दे दी थी, परंतु नौकरी नहीं दी गई। रामलाल नौकरी के लिए कई बड़े मंत्रियों और अधिकारियों से मिलता रहा। जब कहीं भी सुनवाई नहीं हुई तो रामलाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। रामलाल ने कहा कि जब अन्य सभी खिलाड़ियों को उनकी सफलताओं पर सरकार नौकरी दे रही है तो उसके साथ यह भेदभाव क्यों।

सरकार की नीति के कारण ही वह सब्जियां बेच कर अपना गुजर करने को मजबूर हुआ। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए हरियाणा सरकार से हुड्डा कैबिनेट के उस रिकार्ड को पेश करने का निर्देश दिया था, जिसके तहत अनीता और कांता को तो पुलिस की नौकरी दी गई, लेकिन रामराल को नहीं दी गई। हाईकोर्ट ने 17 फरवरी को इस मामले का निपटारा करते हुए कहा कि ममता सौदा को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने पर खेल कोटे से डीएसपी का पद दिया गया था तो रामलाल को क्यों नही।

हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रमाणित कापी मिलने के तीन महीने के भीतर वह रामलाल को 21 लाख रुपये व खेल कोटे से डीएसपी के पद पर नियुक्ति दे। इन आदेशों के बाद हरियाणा ने डीएसपी के स्थान पर रामलाल को एसआई बनाया और 21 लाख इनाम के आदेशों को अब हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है।
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