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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Governor Order to CBI to File Chargesheet against Bhupinder Hooda in Plot Allotment Case

प्लॉट आवंटन केस में हुड्डा की मुश्किलें बढ़ीं, गवर्नर ने दी चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति

Thu, 15 Nov 2018 02:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 15 Nov 2018 02:06 PM IST
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Haryana Governor Order to CBI to File Chargesheet against Bhupinder Hooda in Plot Allotment Case
भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने हुड्डा के खिलाफ पंचकूला के नेशनल हेराल्ड प्लॉट आवंटन मामले में सीबीआई को अभियोजन की मंजूरी दे दी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद सीबीआई प्लॉट आवंटन मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल कर सकेगी। 

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अब हुड्डा को इस मामले में भी मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। हुड्डा पर एसोसिएटेड जर्नलस लिमिटेड (एजेएल) को उसके अखबार नेशनल हेराल्ड के लिए पंचकूला में नियमों के खिलाफ जमीन आवंटन का आरोप है। सीबीआई ने इस मामले में एआईसीसी के पूर्व कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा को भी पार्टी बनाया हुआ है। जमीन आवंटन मामले में विजिलेंस की एफआईआर के आधार पर सीबीआई भी जांच कर चुकी है। 
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इस मामले में फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के आरोप में हरियाणा विजिलेंस विभाग ने अप्रैल-2016 में मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने जांच पूरी करने के बाद राज्य सरकार से अभियोग की मंजूरी मांगी थी। सरकार ने एडवोकेट जनरल से कानूनी राय लेने के बाद मामले को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया था। 
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राज्यपाल से मंजूरी लेना इसलिए जरूरी था, चूंकि बदले नियमों के तहत पूर्व सीएम के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए राज्यपाल की मंजूरी जरूरी है। सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने 14 नवंबर को सीबीआई को अभियोजन चलाने की मंजूरी दे दी है। अब सीबीआई विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल करेगी। इस मामले में सीबीआई ने उन अधिकारियों को दोषी नहीं पाया है, जिनके केस के साथ नाम जुड़े थे। 
 

यह राजनीतिक साजिश, न्यायपालिक पर पूरा भरोसा : हुड्डा

Haryana Governor Order to CBI to File Chargesheet against Bhupinder Hooda in Plot Allotment Case
bhupinder singh hooda - फोटो : फाइल फोटो

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मामले को पूरी तरह से राजनीतिक साजिश करार दिया है। बकौल हुड्डा, प्रदेश सरकार उनके खिलाफ राजनीति दुर्भावना से काम कर रही है। चुनाव से पहले उन्हें  फंसाने के लिए साजिशें रचने में लगे हैं। वह इससे डरने वाले नहीं। उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। जब कोई गलत काम ही नहीं किया तो उनकी मुश्किलें कैसे बढ़ेंगी।

राजनीति द्वेष से दर्ज किए जा रहे फर्जी मुकदमे : दीपेंद्र
रोहतक से कांग्रेस सांसद व पूर्व सीएम के सुपुत्र दीपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि भाजपा सरकार बदले की भावना और राजनीतिक द्वेष से कार्रवाई कर झूठे और फर्जी मुकदमे दर्ज करा रही है। यह हुड्डा व कांग्रेस की आवाज को दबाने की कोशिश है। जनता उनके साथ है। जब भी किसी ने द्वेष में कार्रवाई की है, वो खुद उसमें जला है। चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ेगी।

यह है प्लॉट आवंटन का पूरा मामला
एसोसिएटेड जर्नलस लिमिटेड (एजेएल) के अखबार नेशनल हेराल्ड को जमीन आवंटन मामले में विजिलेंस विभाग ने मई 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर केस दर्ज किया था। यह मामला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की शिकायत पर दर्ज हुआ है। चूंकि, मुख्यमंत्री हुडा के पदेन अध्यक्ष होते हैं। आरोप है कि हुड्डा ने 28 अगस्त 2005 को पद का दुरुपयोग करते हुए एजेएल को पंचकूला में जमीन का आवंटन बहाल किया। 

 

Haryana Governor Order to CBI to File Chargesheet against Bhupinder Hooda in Plot Allotment Case
Bhupinder singh hooda - फोटो : फाइल फोटो

एजेएल को 30 अगस्त 1982 में तत्कालीन भजनलाल सरकार ने पंचकूला के सेक्टर-6 में 3360 वर्ग मीटर का प्लॉट आवंटित किया था। शर्त यह थी कि कंपनी छह महीने में जमीन पर निर्माण करेगी । लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिसकी वजह से 30 अक्तूबर 1992 को संपदा अधिकारी पंचकूला ने जमीन वापस ले ली। साथ ही 10 फीसदी राशि में कटौती कर शेष राशि 10 नवंबर 1995 को लौटा दी। 

हालांकि, एजेएल ने संपदा अधिकारी के आदेश के खिलाफ अपील वित्तायुक्त एवं सचिव राजस्व विभाग के समक्ष की। लेकिन उन्होंने 10 अक्टूबर 1996 को संपदा अधिकारी के आदेश को बरकरार रखा। इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब 14 मई 2005 को तत्कालीन हुडा चेयरमैन भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एजेएल को दोबारा यह जमीन आवंटित करने की संभावना तलाशने को कहा। हुडा के तत्कालीन मुख्य प्रशासक ने उस समय स्पष्ट कर दिया था कि पुराने रेट पर जमीन आवंटित करना संभव नहीं है। बावजूद 28 अगस्त 2005 को पंचकूला की जमीन 1982 की दर पर ही एजेएल को आवंटित कर दी गई। 

हुड्डा के खिलाफ चल रही अन्य जांच
1. पंचकूला में इंडस्ट्रियल प्लॉट आवंटन : 2013 में 14 लोगों को प्लॉट आवंटित किए। हुड्डा, एक आईएएस, एक रिटायर्ड अफसर और प्लॉटधारकों समेत 17 लोगों पर एफआईआर दर्ज। विजिलेंस जांच में दोषी। हुड्डा और उनके समर्थकों पर एक साथ 20 स्थानों पर सीबीआई की छापामारी।

2. गुरुग्राम के मानेसर में जमीन अधिग्रहण मामला : भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला में टाउनशिप के लिए 912 एकड़ भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की गई। वर्ष 2004 से 2007 के बीच 400 एकड़ भूमि खरीद में धांधली का आरोप। दिल्ली और हरियाणा में हुड्डा और उनके साथियों के दो दर्जन ठिकानों पर छापामारी। किसानों और भू-मालिकों का करीब 1500 करोड़ के नुकसान का दावा। इस मामले में ईडी ने भी केस दर्ज किया है।

3. गेहूं में करनाल बंट नामक बीमारी की रोकथाम के लिए रैक्सिल दवा घोटाला : आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने उठाया था मामला। केंद्रीय सतर्कता ब्यूरो से जांच कराने का निर्णय। हाईकोर्ट में भी मामला विचाराधीन।

4. वाड्रा व डीएलएफ को गुरुग्राम में जमीनों के लाइसेंस का मामला : जस्टिस एसएन ढींगरा आयोग गठन के बाद दे चुका अपनी रिपोर्ट, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं। 2016 से हाईकोर्ट में चल रहा केस।

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