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हरियाणा: सरसों तेल की जगह पात्रों के खातों में 250 रुपये भेजेगी सरकार, जून माह में नहीं मिलेगा नमक
Sat, 05 Jun 2021 02:33 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 05 Jun 2021 02:33 AM IST
सार
डिपो पर सरसों का तेल 20 रुपये प्रति लीटर मिलता है, जबकि बाहर इसका रेट 120 से 130 रुपये प्रति लीटर चल रहा है। इस समय प्रदेश में एएवाई और बीपीएल परिवार 11,40,748 हैं।
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बोतल में सरसों का तेल (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा के करीब 11 लाख परिवारों को मनोहर सरकार सरसों का तेल खरीदने के लिए उनके खाते में 250-250 रुपये भेजेगी। डिपो पर सरसों का तेल बंद करने से हुई किरकिरी के बाद प्रदेश सरकार ने आनन-फानन यह फैसला लिया है। साथ ही नमक भी जल्द ही भेजे जाने का वादा किया है।
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बता दें कि इस बार हैफेड के पास सरसों का स्टॉक नहीं होने के चलते सरसों का तेल डिपो पर नहीं भेजा जा सका है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से इसको लेकर पत्र जारी किया गया था। शुक्रवार को सरकार ने फैसला लिया कि संबंधित जरूरतमंद लोगों के खाते में दो लीटर सरसों का तेल खरीदने के लिए 250 रुपये डाले जाएंगे। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक हैफेड के पास सरसों का स्टाक उपलब्ध नहीं हो जाता।
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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कॉन्फेड नमक की 1 किलोग्राम की पैकिंग की व्यवस्था नहीं कर सका। इसलिए जून माह में नमक वितरित नहीं किया जाएगा। पैकिंग की व्यवस्था होते ही नमक का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
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एमएसपी से अधिक में बिका सरसों
इस बार किसानों को सरसों के एमएसपी से अधिक बाहर मार्केट में अच्छे रेट मिले। इसके चलते करीब 50 लाख क्विंटल सरसों मंडियों से बाहर बिकी और मंडियों में करीब 25 लाख क्विंटल सरसों पहुंचा। इस कारण हर बार अच्छी मात्रा में सरसों की खरीद करने वाली हैफेड पूरी खरीद नहीं कर पाई। व्यापारियों द्वारा सरसों का स्टाक किए जाने के कारण ही सरसों का तेल प्रति लीटर 60 रुपये से बढ़कर दो गुना से अधिक हो गया है।