हर ब्लॉक की अपनी पहचान: हरियाणा में 250 उत्पाद चिह्नित, अब सरकार उपलब्ध कराएगी आधारभूत ढांचा
डिप्टी सीएम ने झज्जर का दौरा किया तो पाया कि वहां क्रोशिया का काम अधिक है। यहां गुड़िया बनती है। पहले इसमें रुई भरते थे अब फाइबर भर रहे हैं। यह गुड़िया अब बाहर एक्सपोर्ट हो रही है। जिसकी मार्केटिंग का इंतजाम खुद इन उद्यमियों ने किया है।
विस्तार
कोविड के दुष्प्रभाव झेल रहे उद्योग को राहत देने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़े पैमाने पर काम शुरू किया है। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) की रीढ़ मजबूत करने के लिए सरकार ने सूबे के 140 ब्लॉक में करीब 250 उत्पाद चिह्नित किए हैं। इन उत्पादों के नाम से संबंधित ब्लॉक को जाना जाए, इसके लिए सरकार ने संबंधित ब्लॉक में ही ढांचागत सुविधाएं देने के लिए तैयारी की है।
केंद्र की पदमा योजना को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार यह काम करने जा रही है। सूबे के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अमर उजाला से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है। प्रदेश में एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में करीब पचास एकड़ जमीन लैंड पूलिंग के तहत जुटाई जाएगी। इस जमीन पर शेड से लेकर बिजली पानी तक की सारी सुविधा सरकार देगी। जिसके लिए न्यूनतम किराया उद्यमियों को देना होगा। इस किराए में उन्हें बिजली पानी आदि की उद्यम से जुड़ी अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
डिप्टी सीएम ने इस मामले में हरियाणा का दौरा कर लिया है। दौरा करने के बाद कुछ उत्पाद तय किए गए हैं जो प्रदेश की रीढ़ को भी मजबूत करने का काम करेंगे। साथ ही इन उत्पादों को एक्सपोर्ट करवाने में भी सरकार मदद करेगी।
नरवाना का जूता उद्योग
नरवाना में जूतों की 350 इकाइयां हैं। यह इकाइयां अलग-अलग हैं, यदि सरकार इन्हें ढांचागत सुविधाएं देगी तो वे एक छत के नीचे आना पसंद करेंगे। इनके लिए ढांचा देने के अलावा मार्केटिंग के लिए भी सरकार तैयार है।
बुलेटप्रूफ गाड़ियों का गढ़
गुरुग्राम-फरीदाबाद बुलेट प्रूफ गाड़ियों का गढ़ बन चुका है। देशभर से लोग यहां बुलेटप्रूफिंग के लिए आते हैं। इस उद्योग को एक छत के नीचे इकट्ठा करने और उद्यम को दम देने के लिए बातचीत हो चुकी है। यह काम सिरे चढ़ गया तो एक ही जगह सारी सुविधाएं आ जाएंगी।
हरियाणा में हर जगह कुछ न कुछ मौजूद
मेवात में व्हीकल रिपेयरिंग का काम है। जुलाना में ट्रक की बॉडी बनाई जाती है। नारनौंद में डेयरी का काम बढ़िया है। ऐसे करीब 250 उत्पाद हैं, जिन्हें चिह्नित किया गया है। किसी-किसी ब्लॉक में दो उत्पाद हैं।
मैं यह देखकर हतप्रभ रह गया कि फरीदाबाद के एक लड़के ने फोर्ड इंडेवर पर छोटा टैंक तैयार कर सीआरपीएफ को दिया है। हम जो ढांचा देंगे वह न्यूनतम किराए पर देंगे। साथ ही उत्पाद की बिक्री भी सुनिश्चित करवाएंगे। जब मैंने देखा कि यहां करने को बहुत कुछ है तो इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने का मन बनाया। - दुष्यंत चौटाला, उपमुख्यमंत्री हरियाणा।