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हरियाणा में पहली बार एमएसपी पर मूंगफली की होगी खरीद, 5275 रुपये प्रति क्विंटल होगा भाव
Wed, 28 Oct 2020 06:08 PM IST
ajay kumar
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 28 Oct 2020 06:08 PM IST
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मूंगफली
- फोटो : social media
हरियाणा सरकार पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंगफली की खरीद करने जा रही है। किसानों को प्रति क्विंटल 5275 रुपये एमएसपी दिया जाएगा। सरकार एक नवंबर से खरीद शुरू कराने जा रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने मूंगफली खरीद को लेकर सोमवार को अहम बैठक ली जिसमें कई निर्णय लिए गए। दास ने बताया कि राज्य में प्रति एकड़ 8 क्विंटल मूंगफली उत्पादन का अनुमान है। उन्होंने बताया कि 17840 किसानों ने मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर खुद को फसल बिक्री के लिए पंजीकृत किया है।
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एसीएस ने बताया कि सात मंडियों में मूंगफली की खरीद की जाएगी। जिनमें हिसार, आदमपुर, सिरसा जिले की कालांवाली, ऐलनाबाद, नाथूसरी चौपटा व फतेहाबाद जिले में फतेहाबाद व भट्टूकलां शामिल हैं। पीके दास ने बताया कि मूंगफली के कुल उत्पादन की 25 प्रतिशत खरीद केंद्र सरकार की पीएसएस (प्राइस सपोर्ट स्कीम) योजना के तहत की जाएगी, जबकि बाकी खरीद हरियाणा सरकार अपने लिए करेगी। हरियाणा की तरफ से हैफेड किसानों की मूंगफली खरीदेगा।
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फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए फैसला
उन्होंने कहा कि मूंगफली को एमएसपी पर खरीदने का नीतिगत निर्णय पहले ही ले लिया था। सोमवार को इसे अमलीजामा पहनाने का खाका खींचा। सरकार को यह तो मालूम है कि मूंगफली खरीद पर कितना खर्च आएगा लेकिन वित्तीय बोझ कितना पड़ेगा, यह तभी पता चलेगा, जब मूंगफली को सरकार बाजार में बेचेगी। प्रदेश सरकार ने यह निर्णय फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए लिया है।
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20 अक्तूबर तक खरीदी गई फसलों की अदायगी
पीके दास ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उन्हें नकदी फसलों की तरफ मोड़ रही है। चूंकि, नकदी फसलों में धान व गेहूं की तुलना में पानी की भी कम खपत होती है, इससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि 20 अक्तूबर तक खरीदी गई फसलों की अदायगी किसानों को मंगलवार को कर दी गई।