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हरियाणा में हिंसक घटनाओं के लिए सरकार जिम्मेदार, एक रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 13 Mar 2016 09:23 PM IST
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रिपोर्ट
- फोटो : DEMO Pics
एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स, पंजाब और डेमोक्रेटिक लायर्स एसोसिएशन ने हरियाणा में पिछले दिनों हुई हिंसा केलिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। संगठनों की छह सदस्यीय टीम ने दो दिन हरियाणा के तमाम जिलों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है।
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प्रो. जगमोहन सिंह, प्रो. आरएस घुम्मन, एडवोकेट पंकज त्यागी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि यह रिपोर्ट हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री कार्यालय और यूएनओ को भेजी जाएगी। इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के तीन सिटिंग जजों से कराने की मांग की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से प्रायोजित हिंसा थी, जिसका मकसद जाटों और गैर जाटों का ध्रुवीकरण करना था। जांच में सामने आया है कि प्रशासन ने सेना का इस्तेमाल ही नहीं किया। हाईवे पर 25 से ज्यादा युवतियों केसाथ बदसलूकी हुई, अब पुलिस इस मामले को दबाने में लगी है।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा में जाटों और गैर जाटों में अविश्वास पैदा हो चुका है, इस तरह की स्थिति कारोबार को पनपने नहीं देगी। उन्होंने आंदोलन में मारे गए लोगों केपरिजनों को मुआवजा देने और नुकसान की भरपाई करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी संजीदगी से काम नहीं कर रही है। जिन लोगों की गाड़ियां जलाई गईं, उनसे अब तक संपर्क ही नहीं किया गया है।