{"_id":"5f55b3eb841aa61c0b67b242","slug":"haryana-government-released-new-rules-for-grade-3-personnel-regarding-tours","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा सरकार का कड़ा फरमान, अब ‘साहब’ की हां पर ही मिलेगा आकस्मिक हवाई यात्रा का खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा सरकार का कड़ा फरमान, अब ‘साहब’ की हां पर ही मिलेगा आकस्मिक हवाई यात्रा का खर्च
Mon, 07 Sep 2020 09:47 AM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, अमर उजाला
यशपाल शर्मा, अमर उजाला
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 07 Sep 2020 09:47 AM IST
सार
- बिना मंजूरी यात्रा के बाद प्रशासनिक सचिव से लेनी होगी कार्योत्तर स्वीकृति
- पूर्व अनुमति बगैर यात्रा के केस संज्ञान में आने पर सरकार ने लिया निर्णय
विज्ञापन
हवाई यात्रा
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा सरकार ने बिना पूर्व अनुमति देश के भीतर हवाई यात्रा करने वाले ग्रेड-3 कर्मचारियों पर शिकंजा कस दिया है। 500 किलोमीटर से अधिक दूर जाने पर प्राप्त हवाई यात्रा सुविधा का कर्मचारी अब दुरुपयोग नहीं कर पाएंगे। कुछ समय से आकस्मिक हवाई यात्रा के नाम पर सरकार की आंखों में धूल झोंकी जा रही थी। सैर-सपाटे को भी आकस्मिक कार्य का नाम दिया जा रहा था।
वित्त विभाग ने इस फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। आकस्मिक हवाई यात्रा के टिकट का खर्च वित्त विभाग से संबंधित कर्मचारी को अब तभी मिलेगा जब विभाग के प्रशासनिक सचिव की कार्योत्तर स्वीकृति होगी। इसके साथ ही कोई भी विभाग ग्रेड-3 कर्मचारी की हवाई यात्रा की कार्योत्तर स्वीकृति व नियमों में छूट देने की फाइल सीधे वित्त विभाग को नहीं भेजेगा।
26 अगस्त, 2020 को इस निर्णय से वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, एसडीएम व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र के जरिए अवगत करा दिया है। एक तो कर्मचारी बिना अनुमति हवाई यात्रा कर ही नहीं सकेंगे, अगर आकस्मिक रूप से कर भी लेते हैं तो ठोस कारण के साथ प्रशासनिक सचिव से कार्योत्तर स्वीकृति लेनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
वित्त विभाग ने इस फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। आकस्मिक हवाई यात्रा के टिकट का खर्च वित्त विभाग से संबंधित कर्मचारी को अब तभी मिलेगा जब विभाग के प्रशासनिक सचिव की कार्योत्तर स्वीकृति होगी। इसके साथ ही कोई भी विभाग ग्रेड-3 कर्मचारी की हवाई यात्रा की कार्योत्तर स्वीकृति व नियमों में छूट देने की फाइल सीधे वित्त विभाग को नहीं भेजेगा।
विज्ञापन
26 अगस्त, 2020 को इस निर्णय से वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, एसडीएम व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र के जरिए अवगत करा दिया है। एक तो कर्मचारी बिना अनुमति हवाई यात्रा कर ही नहीं सकेंगे, अगर आकस्मिक रूप से कर भी लेते हैं तो ठोस कारण के साथ प्रशासनिक सचिव से कार्योत्तर स्वीकृति लेनी होगी।
विज्ञापन
अनेक मामले सामने आने पर वित्त विभाग ने लिया फैसला
वित्त विभाग को यह फैसला इसलिए लेना पड़ा, चूंकि बड़े स्तर पर कर्मचारी प्रशासनिक सचिव की पूर्व अनुमति के ही हवाई यात्रा कर रहे थे। वापस लौटकर इसे आकस्मिक यात्रा का नाम देकर खर्च प्राप्त करने के लिए मामले कार्योत्तर स्वीकृति (एक्स पोस्ट फेक्टो सेंक्शन) को सीधे वित्त विभाग को भेजे जा रहे थे।
इस पर उच्च अधिकारियों ने आपत्ति जताई। तह तक जाने पर मालूम हुआ कि सुविधा का दुरुपयोग भी किया जा रहा है। इसे देखते हुए अब नियमों में बदलाव किया गया है। अगर विभाग के प्रशासनिक सचिव कार्योत्तर स्वीकृति देंगे तो ही वित्त विभाग बिल पास करेगा।
यह है प्रावधान
ग्रेड-3 कर्मचारी भी देश के भीतर 500 किलोमीटर से अधिक दूर जाने पर इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा कर सकते हैं। बशर्ते, उन्होंने विभाग के प्रशासनिक सचिव से पूर्व अनुमति ली हो। बिना अनुमति यात्रा की इजाजत नहीं थी। बावजूद इसके बड़े स्तर पर कर्मचारियों ने हवाई यात्रा का आनंद उठाया।
इस पर उच्च अधिकारियों ने आपत्ति जताई। तह तक जाने पर मालूम हुआ कि सुविधा का दुरुपयोग भी किया जा रहा है। इसे देखते हुए अब नियमों में बदलाव किया गया है। अगर विभाग के प्रशासनिक सचिव कार्योत्तर स्वीकृति देंगे तो ही वित्त विभाग बिल पास करेगा।
यह है प्रावधान
ग्रेड-3 कर्मचारी भी देश के भीतर 500 किलोमीटर से अधिक दूर जाने पर इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा कर सकते हैं। बशर्ते, उन्होंने विभाग के प्रशासनिक सचिव से पूर्व अनुमति ली हो। बिना अनुमति यात्रा की इजाजत नहीं थी। बावजूद इसके बड़े स्तर पर कर्मचारियों ने हवाई यात्रा का आनंद उठाया।