{"_id":"5f3ce0f78ebc3e3cc85fa7a6","slug":"haryana-government-planning-to-connect-all-departments-with-e-office","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा में भ्रष्टाचार पर अंकुश की कवायद, 22 महकमों से मुख्यमंत्री को ऑनलाइन जाएंगी फाइलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा में भ्रष्टाचार पर अंकुश की कवायद, 22 महकमों से मुख्यमंत्री को ऑनलाइन जाएंगी फाइलें
Wed, 19 Aug 2020 01:51 PM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 19 Aug 2020 01:51 PM IST
सार
- 17 अगस्त से चालू हुआ ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर, पहली सितंबर से 20 और विभागों में होगा लागू
- पहली नवंबर से दायरे में आएंगे सभी विभाग, सरकार तीन चरणों में पूरा करेगी परियोजना
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कवायद के तहत हरियाणा सरकार के सभी महकमे इस साल के अंत तक ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर से जुड़ जाएंगे। महकमों के मुख्यालय व क्षेत्रीय कार्यालयों की सभी फ़ाइल को ऑनलाइन ही मंजूरी मिलेगी। 17 अगस्त से सरकार ने 22 महकमों में ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर चालू कर दिया।
अब ये महकमे सीएम, मुख्य सचिव व वित्त विभाग को सभी फ़ाइल ऑनलाइन ही स्वीकृति के लिए भेजेंगे। इसके अलावा विभागों के बीच भी फाइलों का आदान-प्रदान इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के जरिये ही होगा। मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, एसडीएम, बोर्ड, निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को नई व्यवस्था से पत्र के जरिए अवगत करा दिया है।
मनोहर लाल सरकार ने कार्य कुशलता बढ़ाने, कार्य जल्दी निपटाने व फ़ाइल अनुमोदन में अनावश्यक देरी रोकने के मद्देनजर उठाया है। इससे फाइलों की मंजूरी में भ्रष्टाचार की गुंजाइश और कम होगी। सभी विभाग फाइलों को मंजूरी के लिए भेजने के बाद ट्रैक करेंगे। ऑडिट में भी इससे मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब ये महकमे सीएम, मुख्य सचिव व वित्त विभाग को सभी फ़ाइल ऑनलाइन ही स्वीकृति के लिए भेजेंगे। इसके अलावा विभागों के बीच भी फाइलों का आदान-प्रदान इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के जरिये ही होगा। मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, एसडीएम, बोर्ड, निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को नई व्यवस्था से पत्र के जरिए अवगत करा दिया है।
विज्ञापन
मनोहर लाल सरकार ने कार्य कुशलता बढ़ाने, कार्य जल्दी निपटाने व फ़ाइल अनुमोदन में अनावश्यक देरी रोकने के मद्देनजर उठाया है। इससे फाइलों की मंजूरी में भ्रष्टाचार की गुंजाइश और कम होगी। सभी विभाग फाइलों को मंजूरी के लिए भेजने के बाद ट्रैक करेंगे। ऑडिट में भी इससे मदद मिलेगी।
विज्ञापन
सरकार तीन चरणों में पूरा करेगी परियोजना
सरकार ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर परियोजना को तीन चरणों में सिरे चढ़ाने जा रही है। पहले चरण में 22 महकमों को कवर किया गया है। दूसरा चरण पहली सितंबर से शुरू होगा, बीस विभाग इसमें और शामिल किए जाएंगे। पहली नवंबर से तीसरे चरण में सभी विभागों को इसके दायरे में लाया जाएगा।
इन विभागों में लागू हुआ ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर
विकास व पंचायत, इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी, हारट्रोन, रोजगार, उच्च शिक्षा, हाउसिंग, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम, एचएसआईआईडीसी, श्रम विभाग, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी, नवीन अक्षय ऊर्जा, ग्रामीण विकास, सेकेंडरी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, विज्ञान एवं प्राद्यौगिकी, दक्षता विकास व आईटीआई, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, नगर एवं ग्राम आयोजन, परिवहन, शहरी निकाय व एससी-बीसी कल्याण।
पहली सितंबर से इन विभागों में भी लागू होगी व्यवस्था
कृषि, पशुपालन, आयुष, नागरिक उड्डयन, चुनाव, मौलिक शिक्षा, पर्यावरण, खाद्य एवं आपूर्ति, आबकारी एवं कराधान, वन, बागवानी, आतिथ्य, उद्योग, सिचाईं, पीडब्ल्यूडी, राजस्व, खेल, आपूर्ति एवं निपटान, पर्यटन व महिला विकास।
इन विभागों में लागू हुआ ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर
विकास व पंचायत, इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी, हारट्रोन, रोजगार, उच्च शिक्षा, हाउसिंग, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम, एचएसआईआईडीसी, श्रम विभाग, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी, नवीन अक्षय ऊर्जा, ग्रामीण विकास, सेकेंडरी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, विज्ञान एवं प्राद्यौगिकी, दक्षता विकास व आईटीआई, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, नगर एवं ग्राम आयोजन, परिवहन, शहरी निकाय व एससी-बीसी कल्याण।
पहली सितंबर से इन विभागों में भी लागू होगी व्यवस्था
कृषि, पशुपालन, आयुष, नागरिक उड्डयन, चुनाव, मौलिक शिक्षा, पर्यावरण, खाद्य एवं आपूर्ति, आबकारी एवं कराधान, वन, बागवानी, आतिथ्य, उद्योग, सिचाईं, पीडब्ल्यूडी, राजस्व, खेल, आपूर्ति एवं निपटान, पर्यटन व महिला विकास।