हरियाणा सरकार ने 100 बसों की खरीद को दी हरी झंडी, लेकिन फंस सकता है ये पेंच
काफी समय से पेंडिंग चल रही बसों के खरीद मामले में हरियाणा सरकार ने फिलहाल सौ बसें खरीदने को हरी झंडी दे दी है। हालांकि योजना साढ़े तीन सौ बसें खरीदने की है लेकिन पहले चरण रोडवेज अपने बेडे़ में सौ बसें शामिल करेगा। मुख्यमंत्री इस संदर्भ में प्रस्ताव को मंजूरी दे चुके हैं। विभाग के लिए खरीद प्रक्रिया जल्द पूरा कर बसों को सड़क पर 31 मार्च से पहले उतारना होगा। अन्यथा इसमें पर्यावरण संबंधी बीएस नॉर्म्स का पेच फंस सकता है।
दरअसल, हरियाणा रोडवेज का बेड़ा 4500 सरकारी बसों का है। वर्तमान समय में इस बेड़े में 3636 बसें ही शामिल हैं। बेड़े को अभी 864 और सरकारी बसें चाहिए। फिलहाल 100 बसों की खरीद करने की तैयारी की जा रही है। इन बसों के इंजन, चेसिस इत्यादि खरीदकर हरियाणा रोडवेज इंजीनियरिंग कारपोरेशन द्वारा इनकी बॉडी आदि तैयार कर इन्हें सड़कों पर उतारा जाएगा।
सड़कों पर लोगों की सेवा में लाने से पहले इन बसों को पूरी तरह से तैयार कर इनका रजिस्ट्रेशन भी करवाया जाना है लेकिन यह सारी प्रक्रिया 31 मार्च 2020 से पहले पूरी करनी पड़ेगी, क्योंकि फिलहाल इन बसों की स्वीकृति ‘बीएस 4’ (भारत स्टेज) इंजन नॉर्म्स के तहत ली गई है। लिहाजा तब तक इन बसों को तैयार कर उनका रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। यदि ऐसा नहीं होता 31 मार्च के बाद बीएस 6 नार्म्स लागू हो जाएगा।
इसके बाद सिर्फ बीएस 6 इंजन वाली गाड़ियों का ही रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। ऐसे में यदि सभी 100 बसें 31 मार्च से पहले तैयार नहीं हुई, तो फिर इन्हें बीएस 6 इंजन नार्म्स के तहत तैयार कर उसे रजिस्टर्ड करवाना पड़ेगा। फिर इसमें लंबा वक्त लगेगा है और लोगों को भी बसों के लिए फिर लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
बसें तैयार करना एचआरईसी के लिए चुनौती
बसों की खरीद को स्वीकृति मिलने के बाद इन्हें तैयार कर सड़कों पर 31 मार्च तक उतारना हरियाणा रोडवेज इंजीनियरिंग कारपोरेशन (एचआरईसी) के लिए चुनौती है। चेसिस, इंजन खरीद के बाद एचआरईसी ही विभागीय मानक के हिसाब से बसों की फाइनल बॉडी तैयार करता है। सूत्रों के अनुसार एक महीने में एचआरईसी वर्कशाप में करीब 8 से 10 बसें ही तैयार हो पाती हैं।
ऐसे में 100 बसों को 31 मार्च से पहले तैयार कर उनका रजिस्ट्रेशन बीएस 4 नार्म्स के तहत करवाना चुनौती है। सूत्रों के अनुसार अभी स्वीकृति मिलने के बाद चेसिस, इंजन खरीद के लिए बिड भी की जाएगी, उसके बाद ही बसें तैयार होने का काम शुरू होगा।
क्या है बीएस नॉर्म्स
बीएस यानि ‘भारत स्टेज’ एक तरह से पर्यावरण संबंधी नार्म्स है। इसके अंतर्गत प्रदूषण (कार्बन डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर इत्यादि) छोड़ने की एक अधिकतम लिमिट रखी गई है। हमारे देश में यूरोप नॉर्म्स को भारत स्टेज नॉर्म्स के नाम से फॉलो किया जाता है।
अभी तक हमारे देश में बीएस 4 नॉर्म्स के तहत ही गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। लेकिन 31 मार्च 2020 के बाद जिन वाहनों का इंजन बीएस 6 नॉर्म्स के तहत होगा, उन्हीं का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। दावा किया जाता है कि बीएस 6 इंजन से अपेक्षाकृत प्रदूषण कम होता है। कई वाहन निर्माता कंपनियों ने अपने वाहनों में बीएस 6 इंजन को लांच भी कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने फिलहाल 100 बसों की खरीद को हरी झंडी दे दी है। अभी ये बसें बीएस 4 नार्म्स के तहत ली जाएंगी। मगर चूंकि 31 मार्च 2020 के बाद बीएस 6 नार्म्स लागू हो जाएगा, इसलिए तब तक जो बसें तैयार हो जाएंगीं, उनका रजिस्ट्रेशन बीएस 4 नॉर्म्स के तहत करवा लेंगे और जो शेष रह जाएंगी, उन्हें नए नॉर्म्स के हिसाब से तैयार कराएंगे। मगर मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि जल्द ही रोडवेज के बेड़े में सरकारी बसों की संख्या बढ़ेगी। - मूलचंद शर्मा, परिवहन मंत्री, हरियाणा।