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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Government Decision to Fix Responsibility of Villagers and Panchayat for Water Projects

बड़ा फैसलाः ग्रामीण जल योजनाओं में लोग या पंचायतें करेंगी दस फीसदी खर्चा, तय होगी भागीदारी

Fri, 07 Feb 2020 12:44 PM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 07 Feb 2020 12:44 PM IST
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Haryana Government Decision to Fix Responsibility of Villagers and Panchayat for Water Projects
फाइल फोटो
हरियाणा में जल जीवन मिशन को लेकर आगे बढ़ रही सरकार ने अब फैसला लिया है कि प्रदेश के गांवों में इस परियोजना के तहत जितने भी पेयजल योजनाएं तैयार होगी, उनकी लागत में दस फीसदी हिस्सा ग्रामीणों का होगा। ये दस फीसदी हिस्सा कौन देगा, गांव के बाशिंदे या उस गांव की पंचायत, इसे तय करने का अधिकार संबंधित ग्राम पंचायत को होगा।
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इसके  पीछे सरकार का मकसद है गांवों की जलापूर्ति परियोजनाओं में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाते हुए उन्हें ये अहसास कराना कि संबंधित पेयजल परियोजनाएं उनकी अपनी व उनके अपनों के लिए है। विभाग के आला अधिकारियों का दावा है ये प्रयास सफल रहेंगे और इस तरह ग्रामीण अपनी इस वॉटर सप्लाई सिस्टम की निगरानी व देखभाल भी करेंगे।
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कनेक्शन, वॉटर चार्ज भी खुद रखेंगी पंचायतें
संबंधित गांव में योजना की लागत तय होने के बाद सरकार इस पर 90 फीसद खर्च करेगी। 10 फीसद हिस्सा ग्राम पंचायत को देना है। ये दस फीसद हिस्सा ग्राम पंचायतें अपने फंड से भी दे सकती हैं या फिर ग्रामीणों से 10 फीसद हिस्से की राशि एकत्रित भी कर सकती है। ये निर्णय ग्राम पंचायतों को लेना है।
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मगर इसके साथ-साथ बड़ी बात यह कि गांवों में जलापूर्ति सिस्टम शुरू होने के बाद  गांव में पेयजल कनेक्शन और वॉटर चार्ज के रूप में जो आय होगी, उसे भी पंचायत अपने पास ही रखेंगी और उसी आय से संबंधित वाटर सप्लाई को भविष्य में मेनटेन करती रहेंगी। इस तरह पंचायतें भी सुदृढ़ बनेंगी।

अमेरिका, ब्रिटेन की तर्ज पर ‘कम्युनिटी मैनेज वॉटर सप्लाई’ का प्रयोग

हरियाणा सरकार ने अमेरिका व ब्रिटेन के कई शहरों में चल रही ‘कम्युनिटी मैनेज वॉटर सप्लाई’ सिस्टम की तर्ज पर यह एक प्रयोग किया है। जिसके अंतर्गत इस मिशन में ग्राम पंचायतें ही विशेषज्ञों के साथ अपनी जलापूर्ति योजनाओं को तैयार करने में मदद करेंगी। वे बताएंगी कि उन्हें कैसी और किस प्रकार की जलापूर्ति सिस्टम चाहिए।

अपने स्तर पर योजनाएं तैयार करने के बाद विभाग सभी गांवों में विलेज वॉटर एंड सीवरेज कमेटी गठित करेगा। ये कमेटियां संबंधित जिले के डीसी की निगरानी में काम करेंगी। जिला स्तर पर इन कमेटियों की रैकिंग भी इनकी कार्यप्रणाली के आधार पर होती रहेगी और समय-समय पर डीसी इनकी बैठकें भी लेंगे।

संबंधित योजना पर काम पूरा होने के बाद जलापूर्ति सिस्टम का मालिकाना हक भी पंचायतों को दे दिया जाएगा। पंचायतें ही इस सिस्टम का रखरखाव करेंगी, जबकि इसके लिए स्टाफ सरकार उपलब्ध करवाएगी।
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