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हरियाणा में अब ओवरलोडिंग वाहनों पर कसेगा और शिकंजा, आरटीए को मिलेगी वर्दी की ‘पॉवर’
Sun, 15 Mar 2020 12:38 PM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 15 Mar 2020 12:38 PM IST
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ओवरलोडिंग वाहन
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हरियाणा में ओवरलोडिंग वाहनों की समस्या बढ़ती जा रही है। ये वाहन सड़कों पर चलती-फिरती मौत से कम नहीं है। ऐसे वाहन प्रदेश में रोड सेफ्टी केतमाम प्रयासों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं। हालांकि आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारिटी) विभाग इन पर शिकंजा कसने का प्रयास करता रहता है। लेकिन अब प्रदेश में ऐसे वाहनों पर और ज्यादा सख्ती होने वाली है।
परिवहन विभाग के अंतर्गत प्रदेश के आरटीए कार्यालयों को अब वर्दी की ‘ताकत’ मिलेगी। जिसके बूते आरएटीए विभाग ओवरलोडिंग वाहनों से और सख्ती से निपटेगा। पुलिस महकमा सभी जिलों के आरटीए कार्यालयों में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल की नियुक्ति करेगा।
ये पुलिस जवान डेपुटेशन पर आरटीए कार्यालयों में भेजे जाएंगे और आरटीए सचिव को रिपोर्ट करेंगे। ये वर्दीधारी जवान आरटीए स्टाफ के साथ ओवरलोडिंग वाहनों को पकड़ेंगे और फिर इन वाहनों पर भारी भरकम चालान किया जाएगा। ऐसी व्यवस्था प्रदेश में पहली बार की जा रही है।
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परिवहन विभाग के अंतर्गत प्रदेश के आरटीए कार्यालयों को अब वर्दी की ‘ताकत’ मिलेगी। जिसके बूते आरएटीए विभाग ओवरलोडिंग वाहनों से और सख्ती से निपटेगा। पुलिस महकमा सभी जिलों के आरटीए कार्यालयों में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल की नियुक्ति करेगा।
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ये पुलिस जवान डेपुटेशन पर आरटीए कार्यालयों में भेजे जाएंगे और आरटीए सचिव को रिपोर्ट करेंगे। ये वर्दीधारी जवान आरटीए स्टाफ के साथ ओवरलोडिंग वाहनों को पकड़ेंगे और फिर इन वाहनों पर भारी भरकम चालान किया जाएगा। ऐसी व्यवस्था प्रदेश में पहली बार की जा रही है।
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12 साल से मांग रहे जवान, अब जाकर मिले
हरियाणा में ओवरलोडिंग वाहनों का चालान करने की पॉवर परिवहन विभाग के अंतर्गत आरटीए कार्यालयों को हैं। दरअसल, वर्ष 2003 में प्रदेश में परिवहन और रोडवेज विभाग को दो अलग-अलग विंग में विभक्त कर दिया गया था। परिवहन विभाग अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत काम करने लगा।
चूंकि ओवरलोडिंग वाहनों के चालान की पावर इसी विभाग को थी, इसलिए वर्ष 2008 में इस विभाग के अधीनस्थ सभी जिलों में आरटीए कार्यालयों के लिए 63 कांस्टेबल और 21 हेड कांस्टेबल जवानों के पद सृजित किए गए। इन जवानों को पुलिस महकमे की ओर से जिलों के आरटीए कार्यालयों में डेपुटेशन पर भेजे जाने थे। लेकिन वर्ष 2008 से लेकर अब तक इसके लिए परिवहन कई बार पुलिस महकमे से पत्राचार कर चुका है।
मगर पुलिस विभाग ने आरटीए कार्यालयों के लिए जवान उपलब्ध नहीं कराए। पिछले दिनों हुई रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक में परिवहन मंत्री ने इस संदर्भ में आदेश दिए थे। जिसके बाद हलचल तेज हुई और पुलिस महकमा जवानों को डेपुटेशन पर भेजने को तैयार हुआ है। पुलिस विभाग ने फिलहाल 22 कांस्टेबल और 6 हेडकांस्टेबल यानी कुल 28 जवान आरटीए कार्यालयों में डेपुटेशन के लिए भेज दिए हैं। जबकि अभी 56 जवान और आने बाकी है।
चूंकि ओवरलोडिंग वाहनों के चालान की पावर इसी विभाग को थी, इसलिए वर्ष 2008 में इस विभाग के अधीनस्थ सभी जिलों में आरटीए कार्यालयों के लिए 63 कांस्टेबल और 21 हेड कांस्टेबल जवानों के पद सृजित किए गए। इन जवानों को पुलिस महकमे की ओर से जिलों के आरटीए कार्यालयों में डेपुटेशन पर भेजे जाने थे। लेकिन वर्ष 2008 से लेकर अब तक इसके लिए परिवहन कई बार पुलिस महकमे से पत्राचार कर चुका है।
मगर पुलिस विभाग ने आरटीए कार्यालयों के लिए जवान उपलब्ध नहीं कराए। पिछले दिनों हुई रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक में परिवहन मंत्री ने इस संदर्भ में आदेश दिए थे। जिसके बाद हलचल तेज हुई और पुलिस महकमा जवानों को डेपुटेशन पर भेजने को तैयार हुआ है। पुलिस विभाग ने फिलहाल 22 कांस्टेबल और 6 हेडकांस्टेबल यानी कुल 28 जवान आरटीए कार्यालयों में डेपुटेशन के लिए भेज दिए हैं। जबकि अभी 56 जवान और आने बाकी है।
इसलिए जरूरत है जवानों की
कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब ओवरलोडिंग वाहन चालाक सड़क पर चेकिंग के दौरान आरटीए कार्यालय की गाड़ी देखकर हिट एंड रन की कोशिश कर अपने वाहन तेजी से दौड़ा ले जाते हैं। ऐसे में इन भारी वाहनों का पीछा करना भी जोखिम भरा रहता है। इसलिए परिवहन विभाग काफी समय से पुलिस महकमे से अपने वर्दीधारी जवानों को आरटीए कार्यालयों में लगाने की मांग कर रहा था। ताकि सड़क पर चेकिंग के दौरान ओवरलोडिंग वाहन चालकों को पुलिस की वर्दी का रौब दिखाई दे।
5 साल, 1.90 लाख से ज्यादा चालान, 4.39 अरब से अधिक जुर्माना
हरियाणा में ओवरलोडिंग वाहनों की समस्या का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले करीब पांच वर्षों में हरियाणा में करीब 1.90 लाख से ज्यादा ओवरलोडिंग वाहनों के चालान किए गए। इन वाहनों से लगभग 4.39 अरब से अधिक राशि बतौर जुर्माना वसूली गई। मगर ये कार्रवाई अब वर्दी के रौब के साथ और सख्ती के साथ बढ़ने वाली है।
5 साल, 1.90 लाख से ज्यादा चालान, 4.39 अरब से अधिक जुर्माना
हरियाणा में ओवरलोडिंग वाहनों की समस्या का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले करीब पांच वर्षों में हरियाणा में करीब 1.90 लाख से ज्यादा ओवरलोडिंग वाहनों के चालान किए गए। इन वाहनों से लगभग 4.39 अरब से अधिक राशि बतौर जुर्माना वसूली गई। मगर ये कार्रवाई अब वर्दी के रौब के साथ और सख्ती के साथ बढ़ने वाली है।