Haryana: श्रमिकों का पहला जत्था इस्राइल रवाना, वेतन 1.35 लाख, न्यूनतम एक साल के लिए रहना होगा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 02 Apr 2024 10:47 PM IST
सार
श्रमिकों को इस्राइल की एक टीम ने पांच दिन तक रोहतक के महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण भी दिया था। इन श्रमिकों में फ्रेमवर्क, शटरिंग, बढ़ई, प्लास्टरिंग, सेरामिक टाइल और लोहा मोड़ने वाले कारीगर शामिल हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock