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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Elections: BJP neutralizes anti-incumbency wave with the help of local issues

हरियाणा चुनाव : स्थानीय मुद्दों की मदद से भाजपा ने सत्ता विरोधी लहर को किया बेअसर, गौण हुआ एक बड़ा मुद्दा

Fri, 11 Oct 2024 06:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा देवेश कुमार
देवेश कुमार Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 11 Oct 2024 06:40 AM IST
सार

हरियाणा में 2022 में 37.4% की चौंका देने वाली बेरोजगारी दर को देखते हुए यह आश्चर्यजनक नहीं है। यह बेरोजगारी दर न सिर्फ भारत में सबसे अधिक है बल्कि राष्ट्रीय औसत से 4.5 गुना ज्यादा है।

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विस्तार

बेरोजगारी मतदाताओं के लिए सबसे बड़ी चिंता रही, हर पांच में से दो मतदाताओं ने इसे सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। हरियाणा में 2022 में 37.4% की चौंका देने वाली बेरोजगारी दर को देखते हुए यह आश्चर्यजनक नहीं है। यह बेरोजगारी दर न सिर्फ भारत में सबसे अधिक है बल्कि राष्ट्रीय औसत से 4.5 गुना ज्यादा है।

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वास्तव में, पिछले चुनावों में स्थायी नौकरियों में नियमित भर्ती के वादे के बावजूद इनमें से अधिकांश पद खाली पड़े हैं। संविदा कर्मचारियों की भर्ती, एक के बाद एक पेपर लीक की घटनाएं और नौकरी मिलने में देरी ने स्थिति को और खराब कर दिया है। इसके अलावा हर सात में से एक मतदाता ने आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को भी एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बताया है। 
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भ्रष्टाचार भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर उभरा। छह फीसदी मतदाताओं ने इसका जिक्र किया। वहीं, जवान, किसान और पहलवान की जरूरतों जैसे स्थानीय मुद्दे मतदाताओं के बीच काफी चर्चित रहे। लगभग पांच फीसदी मतदाताओं ने किसानों के मुद्दे (किसान), चार फीसदी ने अग्निवीर (जवान) और एक फीसदी ने महिला पहलवानों (पहलवान) के साथ दुर्व्यवहार को महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दे बताया।

सरकार की क्षमता का आकलन : केंद्र बनाम राज्य
बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दों पर केंद्र या राज्य, कौन सी सरकार अधिक सक्षम है इसको लेकर मतदाताओं की मिलीजुली धारणा थी। 

  • एक-चौथाई मतदाताओं का मानना है कि दोनों में से कोई भी इन मुद्दों का समाधान करने के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम नहीं है। इससे प्रतीत होता है कि केंद्र व राज्य सरकार दोनों के लिए ही जनता में अविश्वास है। 
  • लगभग 20% लोगों का मानना था कि केंद्र सरकार दोनों मुद्दों से निपटने में बेहतर ढंग से सक्षम है, जबकि कुछ कम लोगों ने कहा कि राज्य सरकार बेरोजगारी (19%) और महंगाई (16%) के मुद्दे के प्रबंधन में अधिक प्रभावी है। कुल मिलाकर, मतदाताओं की धारणाओं में केंद्र ने राज्य सरकार पर थोड़ी बढ़त हासिल की। 

मुद्दों ने ऐसे किया प्रभावित 
सभी चुनावी मुद्दों ने मतदान व्यवहार को काफी हद तक प्रभावित किया। जिन मतदाताओं ने किसानों के मुद्दों को सबसे महत्वपूर्ण बताया, उन्होंने भाजपा के मुकाबले कांग्रेस को अधिक समर्थन दिया। हालांकि, जिन लोगों ने महंगाई, अग्निवीर और भ्रष्टाचार को प्राथमिकता दी, उन्होंने कांग्रेस के मुकाबले भाजपा पर भरोसा जताया। इससे साफ है कि बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार के नकारात्मक प्रभाव ने भाजपा की स्थिति पर कोई खास असर नहीं डाला है।

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