हरियाणा में त्रिशंकु विधानसभा के आसार
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हरियाणा विधानसभा का सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है, मतदान के लिए अब सिर्फ एक दिन शेष बचा है। अब भाजपा जहां नरेंद्र मोदी के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने का दावा कर रही है वहीं कांग्रेस विकास के नाम पर तीसरी बार सत्ता में आने का दम भर रही है। दस सालों से सत्ता से बाहर इनेलो के आंखों में भी इस बार सत्ता हासिल करने के सपने चमक रहे हैं। लगभग एक माह तक चले प्रचार युद्ध और सूबे के सियासी समीकरणों का निचोड़ कुछ और ही कह रहा है।
राज्य में आज के राजनीतिक परिदृश्य में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। अर्थात सूबा खंडित जनादेश की ओर बढ़ रहा है। हालांकि मतदान में अभी 24 घंटे बाकी हैं और समीकरण तेजी बन बिगड़ रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार राज्य में आधे से अधिक सीटों पर जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला दिखाई दे रहा है वहीं इनेलो भी पीछे नहीं है। इनेलो का गढ़ माने जाने वाले सिरसा, जींद और फतेहाबाद आदि जिलों में भी पार्टी जहां सीधे लड़ाई में नजर आ रही है वहीं इनेलो प्रदेश में एक बड़ी ताकत के रूप में उभरती साफ नजर आ रही है। हजकां-हजपा गठबंधन और निर्दलीय प्रत्याशी भी कुछ सीटों पर बड़े दलों के पसीने छुड़ा रहे हैं।
मोदी लहर पर सवार भाजपा
मोदी लहर पर सवार भाजपा वैसे तो सूबे में 50 से अधिक सीटों पर दावा कर रही है। लेकिन राज्य के सियासी समीकरण कुछ और ही कह रहे हैं। यहां गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल, रोहतक, झज्जर, करनाल, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, अंबाला, पंचकूला, सोनीपत, पानीपत और यमुनानगर आदि जिलों की 53 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है।
लोकसभा चुनाव को आधार मानकर भाजपा इनमें ज्यादातर सीटों पर जीत की दावेदारी कर रही है लेकिन कांग्रेस भी विकास के नाम पर अपनी पकड़ मजबूत बता रही है। हालांकि इनमें कुछ सीटों पर इनेलो भी मजबूती से दावेदारी पेश कर रही है।
भाजपा ने हरियाणा में जीत हासिल करने के लिए एक तरफ जहां नरेंद्र मोदी दस सभाएं करवाई वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित कई दिग्गज नेताओं ने यहां जमकर प्रचार किया।
इनेलो: सहानुभूति का सहारा
जींद, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, भिवानी, मेवात और कुरुक्षेत्र आदि जिलों की 37 सीटों में ज्यादातर पर इनेलो अपनी जीत का दावा कर रही है। यहां उसका मुकाबला कहीं कांग्रेस तो कहीं भाजपा से है।
जानकारों के अनुसार यहां कुछ सीटों पर कांग्रेस और कुछ पर भाजपा भी बाजी मार सकती है। इनमें से कुछ जिले इनेलो के गढ़ माने जाते हैं और इनेलो भी इन्हीं के सहारे सत्ता में आने का दावा कर रही है।
इसीलिए जेबीटी घोटाले में मेडिकल ग्राउंड पर जमानत पर जेल से बाहर आए चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने इन्हीं जिलों को फोकस कर ताबड़तोड़ चुनावी रैली की। सूबे की सियासत में इन रैलियों का असर भी दिखाई पड़ रहा है। अब सीबीआई के सख्त रुख के बाद चौटाला को फिर जेल जाना पड़ा तो इनेलो सहानुभूति बटोरने की भी कोशिश कर रही है।
कांग्रेस: विकास है आधार
विकास के नाम पर सूबे में तीसरी बार सरकार बनाने का दावा कर रही कांग्रेस को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। हालांकि रोहतक, सोनीपत, झज्जर, भिवानी, कैथल आदि जिलों में पार्टी मजबूत स्थिति में मानी जा रही है।
कांग्रेस इन जिलों के अलावा पूरे प्रदेश में विकास के नाम पर पूर्ण बहुमत हासिल करने का दावा भी कर रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा, पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यहां जमकर प्रचार प्रसार भी किया है। यद्यपि पार्टी राज्य में एंटी इंकंबेंसी और विकास में भेदभाव के आरोप झेल रही है।
हजकां-हजपा भी दिखाएंगी दम
भाजपा के गठबंधन टूटने के बाद हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई ने हजपा प्रमुख विनोद शर्मा से नाता जोड़ा। यह दोनों पार्टियां 65 और 25 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। हिसार और अंबाला की कुछ सीटों पर इन दोनों पार्टियों का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। क्योंकि भजन लाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई ने अपना गढ़ बचाने के लिए पूरे परिवार को हिसार तक ही सीमित कर दिया है।
खुद कुलदीप बिश्नोई आदमपुर से, उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई हांसी से और भाई चंद्रमोहन नलवा से चुनाव लड़ रहे हैं। कुलदीप ने जीटी रोड बेल्ट विनोद शर्मा के हवाले कर दी और विनोद शर्मा अंबाला सिटी से चुनाव लड़ रहे हैं।
त्रिशंकु सरकार की स्थिति में यह गठबंधन कुछ गुल खिला सकता है और किसी भी दल को समर्थन देकर उसे सत्ता तक पहुंचा सकता है। इसके साथ ही मेवात, फरीदाबाद, यमुनानगर की कुछ सीटों पर निर्दलीय और बसपा के प्रत्याशी भी दमदारी से मैदान में हैं, वह बड़े दलों के प्रत्याशियों के पसीने छुड़ा रहे हैं।
एक नजर में हरियाणा चुनाव
15 अक्टूबर को हरियाणा में होना है चुनाव
1565 कुल उम्मीदवार उतरे हैं चुनावी मैदान में
1403 पुरुष उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला
162 महिला प्रत्याशियों की भी किस्मत दांव पर
16260139 हैं राज्य में कुल मतदाता