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BJP को मात देने के लिए एकजुट हो सकती हैं तीन पार्टियां
सोमदत्त शर्मा /अमर उजाला, करनाल
Updated Mon, 08 Feb 2016 10:56 AM IST
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कुर्सी के लिए सत्तासीन भाजपा को शह और मात देने का खेल शुरू हो गया है और भाजपा को मात देने के लिए तीन पार्टियां एक हो सकती हैं। करनाल में जिला परिषद चेयरमैन की कुर्सी के लिए भाजपा को पछाड़ने के लिए इनेलो ने कांग्रेस और बसपा से नजदीकियां बढ़ा ली हैं। सूत्रों का दावा है कि ये तीनों दल एक हो सकते हैं।
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उधर करनाल में अपना चेयरमैन बनाने को लेकर भाजपा नेताओं की धड़कनें भी बढ़ने लगी हैं। भाजपा के सभी विधायक जिला पार्षदों के संपर्क में हैं और रातों को उनके साथ गुप्त मीटिंग भी कर रहे हैं। हालांकि, पार्टी की तरफ से इंद्री से विधायक व मंत्री कर्ण देव कांबोज लॉबिंग कर रहे हैं।
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बता दें कि इस बार जिला परिषद में कुल 25 सदस्य हैं। इनमें से छह भाजपा समर्थित हैं तो छह इनेलो के सदस्य चुनाव जीते हैं। इसी प्रकार कांग्रेस समर्थित भी दो सदस्य हैं और एक सदस्य बसपा का है। आजाद दस सदस्य ऐसे हैं जो खुद को आजाद कह रहे हैं। वे फिलहाल अपनी मंशा नहीं जता रहे हैं।
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ऐसे में चेयरमैन पद के लिए शुरू से ही इनेलो प्रत्याशी कमलेश सांगवान जोर आजमाइश कर रही हैं। उनके पति हरेंद्र सांगवान व देवर पूर्व विधायक नरेंद्र सांगवान भी लगातार पार्षदों के साथ मिल रहे हैं। चेयरमैन बनने के लिए 25 में से 13 पार्षदों का साथ चाहिए। इनेलो नेता आजाद पार्षदों पर भी शुरू से डोरे डाल रहे हैं।
उधर, सीएम के शहर में अपना चेयरमैन बनाना भाजपा के लिए भी चुनौती बन गया है, वहीं इनेलो इसे हर हाल में हथियाना चाहता है, क्योंकि पिछली बार भी इनेलो के पास ही चेयरमैन का पद था। ऐसे में दोनों दल इसे नाक का सवाल बनाकर जोड़ तोड़ कर रहे हैं।
भाजपा की तरफ से चेयरमैन पद के लिए तीन नाम चल रहे हैं डॉ. रेखा रानी, बाला देवी व उषा रानी, हालांकि अभी तक एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। बसपा के जिला पार्षद अशोक मित्तल ने कहा कि अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं किया है। उधर, कांग्रेस समर्थित पार्षद भी हर हाल में भाजपा के खिलाफ वोटिंग को तैयार बैठे हैं।