हरियाणाः परिवहन विभाग ने 190 बसों का निकाला टेंडर, कर्मचारियों की बढ़ सकती नाराजगी
हरियाणा परिवहन विभाग ने रोडवेज कर्मचारियों के विरोध को दरकिनार करते हुए किलोमीटर स्कीम लागू करने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ा दिए हैं। 510 बसों का टेंडर जारी करने के बाद विभाग निजी ऑपरेटरों के साथ सितंबर महीने में एग्रीमेंट भी कर चुका है। इसके विरोध में 16 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कर्मचारी 18 दिन हड़ताल पर रहे। दस राज्यों में बसों का चक्का जाम रहा, विभाग को बसें चलाने में पसीने छूट गए।
बावजूद इसके विभाग ने कोई सबक नहीं सीखा है। सरकार ने 190 और स्टैंडर्ड बसें हायर करने का टेंडर शुक्रवार को जारी कर दिया। 13 नवंबर तक आवेदन पत्र हरियाणा ट्रांसपोर्ट की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकेंगे। परिवहन विभाग के महानिदेशक आरसी बिढान की ओर से जारी टेंडर अनुसार निजी ऑपरेटर 21 नवंबर तक स्कीम के तहत ठेके पर बसें देने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 26 नवंबर को पूर्व बोली बैठक चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी। डीजल के प्रति लीटर मूल्य साठ रुपये की दर अनुसार न्यूनतम 19.50 प्रति किलोमीटर की न्यूनतम दर निजी ऑपरेटरों को भरनी होगी। एक ऑपरेटर केवल पांच बसें ही ठेके पर दे सकेगा।
रोडवेज कर्मचारियों और विभाग में बढ़ेगा टकराव
किलोमीटर स्कीम पर विभाग के अडिग रहने से रोडवेज कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ना लाजिमी है। इससे टकराव के आसार बन रहे हैं। 12 नवंबर को एसीएस की अध्यक्षता में कर्मचारी तालमेल कमेटी से होने वाली वार्ता से पहले सरकार ने 190 बसों की निविदाएं आमंत्रित कर कर्मचारियों को उकसाने का काम किया है। इसे विभाग की ओर से दबाव बनाने का प्रयास माना जा रहा है।
हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान, किलोमीटर स्कीम बर्दाश्त नहीं : कमेटी
रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्य विरेंद्र धनखड़, हरिनारायण शर्मा, दलबीर किरमारा, सरबत पूनिया, इंद्र सिंह बधाना, पहल सिंह तंवर, बलवान सिंह, सुलतान सिंह ने कहा कि कर्मचारियों ने हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए हड़ताल खत्म की थी। अभी हाईकोर्ट की ओर से कोई अंतिम फैसला न आने के बाद परिवहन विभाग ने 190 बसें ठेके पर लेने का टेंडर जारी कर दिया। हाईकोर्ट का पूर्ण सम्मान है, लेकिन किलोमीटर स्कीम लागू नहीं होने देंगे।
कर्मचारियों को दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर कर रहे : लांबा
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय और एजी की राय के बावजूद रोडवेज कर्मचारियों को हड़ताल अवधि का वेतन नहीं दिया गया है। विभाग ने नया टेंडर जारी कर कर्मचारियों को दोबारा आंदोलन के लिए मजबूतर करने का काम किया है। भिवानी जेल में बंद नेताओं को यातनाएं दी गईं। उनको अपमानित किया गया। सर्व कर्मचारी संघ 11 नवंबर को रोहतक में राज्य कार्यकारिणी की बैठक कर आगामी आंदोलन की घोषणा करेगा।