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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana CM Manohar Lal to meet Sarpanch Association on issue of e-tendering

ई टेंडरिंग पर गतिरोध बरकरार: सीएम बोले- ज्यादातर मांगों पर बनी सहमति, सरपंचों का इन्कार

Thu, 09 Mar 2023 08:36 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 09 Mar 2023 08:36 AM IST
सार

सबसे पहले पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने 27 फरवरी को सरंपंचों को बातचीत के लिए बुलाया था लेकिन बैठक में कोई सहमति नहीं बनी। विरोध स्वरूप सरपंचों ने पंचकूला में डेरा डाला। एक मार्च को सीएम के ओएसडी जवाहर यादव से बात हुई लेकिन वह भी सरपंचों को नहीं मना पाए।

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Haryana CM Manohar Lal to meet Sarpanch Association on issue of e-tendering
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्राम पंचायतों में ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकॉल लागू करने को लेकर करीब डेढ़ माह से चल रहा गतिरोध मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ साढ़े चार घंटे तक हुई बैठक के बाद भी नहीं टूट पाया। यहां हरियाणा निवास में रात 11:30 बजे तक चली बैठक में सरपंचों की 16 मांगों पर मंथन किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्यादातार मांगों पर सहमति बन गई है, एकाध चीजों पर मामला अटका है। सुबह 9:30 बजे तक विवाद सुलझ जाएगा। वहीं, सरपंच एसोसिएशन के राज्य प्रधान रणबीर सिंह ने कहा कि सरकार के साथ किसी भी मांग पर सहमति नहीं बनी है। उन्होंने सरकार को शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है। अगर मांगों पर सहमति नहीं बनी तो आंदोलन जारी रहेगा।

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तय कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार को सरपंच एसोसिएशन के राज्य प्रधान रणबीर सिंह समैण की अध्यक्षता में 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहले पंचकूला में डीआईजी ओपी नरवाल से मिला। बाद में शाम 6:30 बजे सभी हरियाणा निवास पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली और आला अधिकारी भी मौजूद रहे। रात 9:30 बजे तक चली बैठक में पहले सरपंचों ने अपनी 16 मांगें रखीं। मुख्यमंत्री के मांगों पर सकारात्मक जवाब देने से सरपंचों के तेवर भी नरम पड़े। विस्तृत सवाल-जवाब के बीच मुख्यमंत्री ने रात्रि भोज का निमंत्रण दिया तो सरपंचों ने इसे स्वीकार कर लिया। दूसरे चरण में रात 10 बजे से 11:30 बजे तक बैठक चली।
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पहले तीन वार्ता हो चुकीं विफल
सबसे पहले पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने 27 फरवरी को सरंपंचों को बातचीत के लिए बुलाया था लेकिन बैठक में कोई सहमति नहीं बनी। विरोध स्वरूप सरपंचों ने पंचकूला में डेरा डाला। एक मार्च को सीएम के ओएसडी जवाहर यादव से बात हुई लेकिन वह भी सरपंचों को नहीं मना पाए। दो मार्च को डीआईजी ओपी नरवाल को यह जिम्मेदारी दी गई। इस बार भी बात नहीं बनी, केवल सीएम से मिलने का समय तय हो पाया।
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सरपंचों की मुख्य मांगें

  • संविधान के 73वें संशोधन के अनुसार पंचायतों को 29 अधिकार पूर्ण रूप से दिए जाएं
  • राइट टू रिकॉल एक्ट पहले सांसदों और विधायकों के लिए लागू हो
  • ई-टेंडरिंग का विरोध नहीं लेकिन राशि 20 से 50 लाख रुपये हो, भुगतान सरपंच के माध्यम से हो
  • सरपंचों का मानदेय 30 हजार और पंचों का 5 हजार रुपये हो, पूर्व सरपंचों को पेंशन सुविधा मिले
  • मनरेगा की मजदूरी 600 रुपये प्रतिदिन हो और ऑनलाइन हाजिरी बंद की जाए
  • पंचायत विभाग के कर्मियों व अधिकारियों की एसीआर का अधिकार सरपंच दो दिया जाए
  • विकास कार्यों में सरपंचों से गुणवत्ता प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य हो, गड़बड़ी पर अधिकारियों पर हो कार्रवाई
  • मनरेगा का भुगतान हर तीन माह बाद ब्लाक स्तर हो, पंचायतों के लिए ऑपरेटर नियुक्त हों
  • आंदोलन के दौरान सरपंचों पर दर्ज केस वापस हों
  • पीआरआई की बकाया राशि पंचायतों के खाते में जारी हो
  • पंचायती जमीनों पर कब्जे को खाली कराया जाए
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