मनोहर लाल बोले- पंजाब खोखला हो चुका, वहां सरकार किसानों को नहीं देती फसलों का सही दाम
- सीएम मनोहरलाल ने कहा- हरियाणा में फसल खरीदकर सरकार देती है पूरे दाम, इसलिए यहां के किसान आंदोलन में शामिल नहीं
- किसानों को तीन बार आजादी मिली, 1917 में महात्मा गांधी ने दिलाई तो फिर लाल बहादुर शास्त्री, अब पीएम नरेंद्र मोदी ने दिलाई
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जितने किसान आंदोलन कर रहे हैं, उनमें हरियाणा के किसान नाममात्र हैं। पंजाब के किसान ही आंदोलन कर रहे हैं, क्योंकि वहां कुछ अलग समस्याएं हैं। हरियाणा में किसानों की सभी फसल सरकार खरीदती है और उनको पूरा दाम मिलता है।
किसानों को नुकसान नहीं हो, उसके लिए सरकार घाटा उठाने के लिए तैयार है। जबकि पंजाब खुद ही पूरी तरह से खोखला हो चुका है और सरकार उनकी फसल नहीं खरीदती है। वहां किसानों को फसलों के दाम सही नहीं मिलते है और इस तरह से पंजाब में काफी कमियां हैं। वे सोमवार को नगर निगम चुनाव में प्रचार करने के लिए यहां पहुंचे थे।
सीएम ने कहा कि किसानों को सही मायने में तीन बार आजादी मिली है। सबसे पहले 1917 में महात्मा गांधी ने चंपारण में किसानों के लिए आंदोलन किया था। उस समय अंग्रेजों ने दबाव देकर किसानों से नील की खेती कराई, जिससे वह किसानों से कम दाम में फसल खरीदकर विदेश में महंगे दाम में बेच सके। इस तरह से किसानों को फसल की बुआई की आजादी नहीं थी और महात्मा गांधी ने फसल बुआई की आजादी दिलाई।
उसके 50 साल बाद फसल बेचने के लिए लाल बहादुर शास्त्री ने आजादी दिलाई और उस समय एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लागू किया गया। वहीं अब पीएम नरेंद्र मोदी ने फसल को किसी भी जगह बेचने की आजादी दिलाई है। अब पीएम ने रास्ते खोले है कि फसल को मंडी से बाहर ज्यादा दाम मिलते है तो उसे बाहर भी बेच सकते है। इसके साथ ही फसल का भंडारण कर सकते हैं, जिससे फसल के बाजार में ज्यादा दाम होने पर उस समय बेचा जा सके।
अमृतसर का पराठा, गुजरात का फाफड़ा की तरह बाजरे का रोट व लड्डू मशहूर कराओ
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि किसान खेती के उत्पादों को बाजार में लाकर अच्छी आमदनी कर सकते हैं। जिस तरह से अमृतसर का पराठा, गुजरात का फाफड़ा व ढोकला, मद्रास का डोसा मशहूर है। उस तरह ही यहां के किसानों को अपनी खेती से तैयार उत्पादों को बाजार में लाना चाहिए। इसके लिए बाजरा का रोट, खिचड़ी, लड्डू, बिस्किट बाजार में लाए जा सकते है और उनको मशहूर करके बाजार में अच्छी कमाई कर सकते हैं।
सीएम ने कहा कि हम अपने घर में गाय के दूध की कोई कीमत नहीं समझते लेकिन दिल्ली के बाजार में गाय का दूध 100 रुपये लीटर तक मिलता है। इसलिए अपने उत्पादों को बाजार में लाना होगा, जिससे खेती से आमदनी को बढ़ाया जा सकता है। सीएम ने यह भी समझाया कि अनुबंध खेती पहले भी होती थी। उन्होंने कहा कि जमीन ठेके पर लेकर खेती करना भी अनुबंध खेती है लेकिन वह छोटे स्तर पर होती है और अब बड़ी कंपनियों को कहा गया है कि वह किसान को ज्यादा पैसे देकर खेती कर सकते है तो करें।
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि कांग्रेस भी कृषि सुधार के हक में थी और उसके समय में तैयार की गई काफी चीजों को कानूनों में शामिल किया गया है। सीएम ने कहा कि ऐसा नहीं है कि कांग्रेस ने कोई अच्छा काम नहीं किया, बल्कि उसने 1947 से अभी तक कुछ अच्छे काम भी किए है। लेकिन अब पीएम नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को लागू कराया है तो कांग्रेस इसलिए गंदी राजनीति करके विरोध कर रही है कि इसका श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी व केंद्र सरकार को चला जाएगा।
आंदोलन में बैठे लोग गलत, इसलिए उस पर कोई ध्यान नहीं देना
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि सिंघु बॉर्डर यहां से नजदीक है और वहां आंदोलन चल रहा है। सीएम ने कहा कि कई बार मन में यह बात आती है कि किसान आंदोलन में आखिर कौन सही है और कौन गलत है। इसलिए यह बात साफ तौर पर बात रहे है कि वहां बैठे लोग गलत है और उस पर ध्यान नहीं देना है।