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जाट आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक, CM खट्टर का बड़ा बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 27 May 2016 12:16 PM IST
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
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जाट आरक्षण पर हाईकोर्ट के रोक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बड़ी बात कही। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार की ओर से जाट, जट्ट सिख, मूला जाट, बिश्नोई, रोड और त्यागी जैसी छह जातियों को बीसी (सी) में शामिल कर सरकारी नौकरियों में भर्ती और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए आरक्षण दिया है। दिए गए आरक्षण के लाभ पर पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के अंतरिम रोक लगाने के एकतरफा फैसले के खिलाफ कानूनी कदम उठाने में सरकार 21 जुलाई तक का इंतजार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इस रोक के विरुद्ध जल्द उच्च न्यायालय के समक्ष जाएगी और रोक को हटवाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ तथा ‘सबका साथ-सबका विकास’ की अवधारणा पर चलते हुए भाजपा सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। जाट, जट्ट सिख, मूला जाट, बिश्नोई, रोड और त्यागी छह जातियों को संविधान के दायरे में रहते हुए आरक्षण का लाभ दिया। हरियाणा विधानसभा से विधेयक पारित करवाया गया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के 24 वर्षों के बाद एक स्थाई संस्था के रूप में स्थापित करने के लिए अलग कानून बनाया है। यदि पिछली सरकार इन जातियों को कानूनी ढंग से आरक्षण का लाभ देती तो यह मामला कोर्ट-कचहरी की पेचेदगी में नहीं फंसता।
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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इस रोक के विरुद्ध जल्द उच्च न्यायालय के समक्ष जाएगी और रोक को हटवाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ तथा ‘सबका साथ-सबका विकास’ की अवधारणा पर चलते हुए भाजपा सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। जाट, जट्ट सिख, मूला जाट, बिश्नोई, रोड और त्यागी छह जातियों को संविधान के दायरे में रहते हुए आरक्षण का लाभ दिया। हरियाणा विधानसभा से विधेयक पारित करवाया गया।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के 24 वर्षों के बाद एक स्थाई संस्था के रूप में स्थापित करने के लिए अलग कानून बनाया है। यदि पिछली सरकार इन जातियों को कानूनी ढंग से आरक्षण का लाभ देती तो यह मामला कोर्ट-कचहरी की पेचेदगी में नहीं फंसता।
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जानमाल का नुकसान क्यों करवाया : हुड्डा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा
- फोटो : amar ujala
जाट आरक्षण को लेकर दिए गए हाईकोर्ट के फैसले पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि सरकार को अगर इसी तरह से आरक्षण देना था तो इतना जान माल का नुकसान क्यों करवाया। सरकार फिजूल में यह कहती फिर रही है कि हमने मजबूती से आरक्षण दिया है।
जाट आरक्षण पर सरकार का पक्ष मजबूत : महाजन
हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने वीरवार को हाईकोर्ट द्वारा जाट आरक्षण के फैसले पर अंतरिम रोक लगाए जाने पर कहा कि हरियाणा सरकार केस की अगली सुनवाई तक इंतजार नहीं करेगी और अगले हफ्ते ही सरकार हाईकोर्ट जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले सरकार का पक्ष बहुत मजबूत है और सरकार ने सभी कानूनी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ही जाटों सहित छह जातियों को आरक्षण लाभ दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार नया कानून बनाते हुए बैकवर्ड क्लास ए और बैकवर्ड क्लास बी के लिए भी व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा बनाया गया कानून विधिसम्मत है और किसी भी तरह से कमजोर नहीं है। दावा किया कि सरकार की ओर से हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखे जाने के बाद जाट आरक्षण की व्यवस्था पर आंच नहीं आएगी।
जाट आरक्षण पर सरकार का पक्ष मजबूत : महाजन
हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने वीरवार को हाईकोर्ट द्वारा जाट आरक्षण के फैसले पर अंतरिम रोक लगाए जाने पर कहा कि हरियाणा सरकार केस की अगली सुनवाई तक इंतजार नहीं करेगी और अगले हफ्ते ही सरकार हाईकोर्ट जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले सरकार का पक्ष बहुत मजबूत है और सरकार ने सभी कानूनी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ही जाटों सहित छह जातियों को आरक्षण लाभ दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार नया कानून बनाते हुए बैकवर्ड क्लास ए और बैकवर्ड क्लास बी के लिए भी व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा बनाया गया कानून विधिसम्मत है और किसी भी तरह से कमजोर नहीं है। दावा किया कि सरकार की ओर से हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखे जाने के बाद जाट आरक्षण की व्यवस्था पर आंच नहीं आएगी।