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CLU कांडः लोकायुक्त के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी

Tue, 22 Dec 2015 08:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 22 Dec 2015 08:44 PM IST
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haryana clu scam, petition in highcourt against lokayukta decision

हरियाणा में हुड्डा के कार्यकाल में हुए सीएलयू कांड में लोकायुक्त के फैसले के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की गई है। इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई होने की संभावना है। उधर, पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी ने भी एक अर्जी दायर कर एकल बेंच के फैसले के खिलाफ लगाई रोक हटाने की मांग की है।

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घटनाक्रम के अनुसार इनेलो ने लोकायुक्त को एक सीडी पेश कर शिकायत की थी कि इसमें छह विधायकों और सीपीएस की ओर से सीएलयू दिलाने के लिए घूस मांगने के साक्ष्य स्पष्ट तौर पर नजर आते हैं। मामले में लोकायुक्त ने सीडी की जांच की थी और पिछले दिनों पांच पूर्व विधायकों और सीपीएस को घूसखोरी का दोषी पाते हुए सरकार से एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी।
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सिफारिश के तहत विनोद भ्याणा, राव नरेंद्र सिंह, नरेश सेलवाल, जरनैल सिंह व राम निवास घोड़िल्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा गया था। छठे नेता पूर्व सीपीएस राम किशन फौजी के खिलाफ लोकायुक्त पहले ही एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश कर चुके थे।
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जिन पांच पूर्व विधायकों और सीपीएस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई, उन्होंने मंगलवार को एडवोकेट अभिषेक अरोड़ा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर करके लोकायुक्त के फैसले को चुनौती देते हुए फैसला रद्द करने की मांग की।

आरोप लगाया है कि उनके तथ्यों पर लोकायुक्त ने गंभीरता से गौर नहीं किया, लिहाजा एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश का आदेश रद्द किया जाना चाहिए। इसी प्रकार राम किशन फौजी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को लेकर लोकायुक्त की ओर से पिछले साल दिए गए फैसले को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

एकल बेंच ने लोकायुक्त का फैसला रद्द कर दिया था। एकल बेंच के फैसले को सरकार ने डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी और डिवीजन बेंच ने एकल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी थी। इस रोक के बाद फौजी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया था।


इस अपील पर डिवीजन बेंच ने फौजी से जवाब भी तलब किया था। सुनवाई अभी होनी है, लेकिन इसी बीच फौजी ने मंगलवार को अर्जी दायर करके एकल बेंच के फैसले पर लगी रोक हटाने की मांग की है।

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