इन विभागों में अब ऑनलाइन होंगे तबादले, पर्वतारोहियों को मिलेंगे 5 लाख, पढ़ें कैबिनेट के आठ फैसले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा सरकार के अधीनस्थ अब वे सरकारी विभाग जिसमें 500 से अधिक पक्के कर्मचारी मौजूदा हैं, वहां अब तबादले ऑनलाइन ही किए जाएंगे। इससे अब लगभग सभी विभागों के तबादलों के दौरान ‘पर्ची सिस्टम’ की प्रथा पूरी तरह खत्म हो जाएगी और कर्मचारियों के लिए ये प्रक्रिया भी आसान होगी। शुक्रवार को नई दिल्ली में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों में तैनात कर्मचारियों के ऑनलाइन स्थानांतरण के लिए सामान्य सिद्धांतों को मंजूरी दी गई।
उल्लेखनीय है कि सीएम मनोहर लाल ने निर्देश दिए थे कि 500 से अधिक स्वीकृत पदों वाले सभी विभाग ऑनलाइन स्थानांतरण नीति तैयार करेंगे। इसी के चलते कर्मियों के ऑनलाइन स्थानांतरण के लिए सामान्य सिद्धांतों को अनुमोदन के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा गया। सामान्य सिद्धांतों का उद्देश्य विभिन्न स्थानों पर सरकारी कर्मचारियों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से वितरण सुनिश्चित करना, कर्मचारियों के बीच नौकरी की संतुष्टि को अधिकतम करना और विभाग के प्रदर्शन में सुधार करना है।
2- अब 5 साल से पहले कर्मचारी का नहीं हो पाएगा तबादला
इन सिद्धांतों के अनुसार, सामान्य स्थानांतरण वर्ष में केवल एक बार किया जाएगा। लेकिन कर्मचारियों को एक क्षेत्र में 5 साल की अवधि के बाद जनहित में, एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित किया जा सकेगा। जनहित में भरे जाने वाले पदों, पदोन्नति और सीधी भर्ती के कारण आवश्यकता होने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा कभी भी स्थानांतरण की जा सकती है।
ऑनलाइन प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी की जाएगी और इसे 31 मार्च के बाद या विभाग की सुविधा के अनुसार लागू किया जाएगा। स्वेच्छा से स्थानांतरण ड्राइव में भाग लेने वाले कर्मचारियों को ज्वाइनिंग समय और कम्पोजिट ट्रांसफर ग्रांट प्रदान नहीं किया जाएगा। हालांकि, जिन कर्मचारियों ने एक ही स्थान पर पांच साल पूरे कर लिए हैं और जो पॉलिसी के तहत स्थानांतरित किए जाते हैं, उसे जनहित में स्थानान्तरण के रूप में माना जाएगा और उन्हें नियमों के अनुसार ज्वाइनिंग समय और कम्पोजिट ट्रांसफर ग्रांट प्रदान प्रदान किया जाएगा।
3- रिक्त पद के लिए 80 अंक की मेरिट बनेगी
इसके अलावा किसी कर्मचारी को रिक्त पद के आवंटन के लिए मेरिट कुल 80 अंकों में से कर्मचारी द्वारा अर्जित बिंदु के कुल समग्र स्कोर पर आधारित होगी। उच्चतम अंक अर्जित करने वाले कर्मचारी विशेष रिक्ति पर स्थानांतरित होने के हकदार होंगे। किसी रिक्ति के विरूद्ध कर्मचारी का दावा तय करने के लिए आयु मुख्य कारक होगी क्योंकि कुल अंकों में से इसके लिए 60 अंकों का वेटेज होगा।
विशेष श्रेणियों के कर्मचारियों द्वारा अधिकतम 20 अंकों का विशेषाधिकार प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि, अंधता जैसी शत प्रतिशत निशक्तता वाले व्यक्तियों और 80 प्रतिशत या अधिक लोकोमोटिव निशक्तता वाले व्यक्तियों को छूट दी जाएगी। उन्हें उनकी पसंद के स्टेशन दिए जाएंगे। नूंह और मोरनी के दूरदराज के इलाकों में जाने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। हालांकि, ऐसे कर्मचारी, जिनके गृह जिला नूंह और पंचकूला हैं, वे इस प्रोत्साहन के हकदार नहीं होंगे।
4- एएलआईएमसीओ को मिलेगी जोनिंग विनियम में छूट
हरियाणा मंत्रिमंडल ने आर्टिफिशियल लिम्बस मैन्युफैक्चरिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एएलआईएमसीओ) को गांव नवादा तिगांव, तहसील बल्लभगढ़, जिला फरीदाबाद की राजस्व संपदा में एडवांस्ड इंटेग्रेटिड वेलनेस एंड रिहैव्लिटेशन सेंटर सह सह-औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए जोनिंग विनियम में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया।
एएलआईएमसीओ एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है और दिव्यांगजनों के लिए गुणवत्तापरक सहायक उपकरणों के निर्माण के लिए स्थल का उपयोग करेगा, जिसका उद्देश्य निशक्तता के साथ आर्थोपेडिक निशक्त व्यक्तियों की सेवा करना और उन्हें उनकी सहायता के लिए आवश्यकतानुसार तिपहिया और व्हीलचेयर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
5- लाइसेंस रिन्यू करवाने में देरी की लगेगी ज्यादा फीस
मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन नियम, 1976 के नियम 13 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत यदि लाइसेंस रिन्यू करवाने में देरी की गई तो डेवलपर्स से साल-दर-साल ज्यादा फीस चार्ज की जाएगी। संशोधन के अनुसार, लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क की दर को संशोधित किया गया है। जिन रियल एस्टेट डेवलपर्स ने ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट नहीं लिया है, उनसे पांच साल की अवधि के बाद लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए एक साल के लिए 4 प्रतिशत, दो साल के लिए 7 प्रतिशत, 9 प्रतिशत और 5 साल के लिए 12 प्रतिशत की फीस ली जाएगी। इसी तरह, रियल एस्टेट डेवलपर्स, जिन्होंने अंशपूर्णत: प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया है, उनके लिए नवीनीकरण फीस की दर एक साल के लिए एक प्रतिशत, दो साल के लिए दो प्रतिशत, तीन साल के लिए 2.5 प्रतिशत और पांच साल के लिए 3.5 प्रतिशत तय की गई है।
6- अब जल्द ट्रांसफर हो सकेगी विभागों को जमीन
मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि के अंतर विभागीय हस्तांतरण के संबंध में श्रेष्ठ पद्धतियों का अध्ययन करने के लिए मंत्रियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। इस तीन सदस्यीय कमेटी में बिजली मंत्री रणजीत सिंह, परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा और पुरातत्व एवं संग्रहालय राज्य मंत्री अनूप धानक शामिल होंगे।
राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह इस कमेटी के सदस्य सचिव होंगे। कमेटी सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि के अंतर विभागीय हस्तांतरण के लिए विधियां तैयार करने के लिए अन्य राज्यों में इस संबंध में अपनाई जा रही श्रेष्ठ पद्धतियों का अध्ययन करेगी और सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी।
7- पर्वतारोहियों को मिलेंगे 5 लाख, सी सर्टिफिकेट
हरियाणा सरकार ने माउंट एवरेस्ट सहित विश्व की 10 सबसे ऊंची पर्वत चोटियों की चढ़ाई करने वाले प्रदेश के पर्वतारोहियों के लिए एक नीति लागू करने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार पर्वतारोहियों को पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार और ग्रेड-सी खेल श्रेणीकरण प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिससे उन्हें खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व की हरियाणा सरकार ने माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले कुछ पर्वतारोहियों को पुलिस विभाग में डीएसपी नियुक्त किया था। उसके बाद प्रदेश में और भी माउंट एवरेस्ट विजेताओं ने सरकार से खुद के डीएसपी लगाने की मांग की थी। इसी के संदर्भ में इन पर्वतारोहियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में करीब दस के करीब याचिकाएं भी लगा रखी हैं। इस पर मामला अभी विचाराधीन है।
8- स्टेनोग्राफर के लिए नए नियम
हरियाणा कैबिनेट के निर्णय के मुताबिक सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर के पद पर स्टेनो टाईपिस्ट के बनाए जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर से पदोन्नति दी जाएगी। उक्त सेवा नियमों में 2016 के नए वेतनमान दर्शाए जाएंगे। नए नियमों के अनुसार विभाग में निजी सहायक के पद को तीन वर्ष के अनुभव वाले सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर में से पदोन्नति द्वारा अथवा किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से लगे किसी ऐसे कर्मचारी के स्थानान्तरण या प्रतिनियुक्ति द्वारा भरा जाएगा। जो किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या इसके समकक्ष हो। आवेदक निजी सहायक के रूप में तीन वर्ष का अनुभव रखता हो और जिसके पास मैट्रिक या उच्चतर शिक्षा में हिंदी या संस्कृत में से एक विषय में शिक्षा प्राप्त की हो।
गन्नौर मंडी में रह रहे लोगों के लिए बनेगी पुर्नवास नीति
दो मरले के प्लाट के लिए 1,66,077 रुपये की राशि 100 बराबर मासिक किस्तों में वसूल की जाएगी। उनसे कोई प्रशासनिक या अन्य मूल्य वसूल नहीं किया जाएगा। इन अवैध वासियों को किए जाने वाले आवंटन के अन्य नियम एवं शर्तों में किस्तों की वहीं अनुसूची शामिल है, जो हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा शहरी संपदा, करनाल के अनधिकृत या कब्जाधारियों को भूमि आबंटन के लिए निर्धारित की गई हैं।
भारत अंतरराष्ट्रीय बागवान्री मंडी, गन्नौर के मुख्य संचालक अधिकारी द्वारा मनोनीत अधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी इसमें मानदंड तय करेगी। जिसमें आईआईएचएम के कार्यकारी अभियंता, जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी और विपणन समिति गन्नौर के सचिव-सह-प्रवर्तन अधिकारी शामिल होंगे। आवेदन आमंत्रित करके इस नीति के तहत पुनर्वास के लिए आवेदकों की पात्रता का निर्धारण करेगी।