फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana: Blacklist contractor clashed with GM of Haryana roadways Engineering corporation

हरियाणा: एचईआरसी के जीएम से भिड़ा ब्लैकलिस्ट ठेकेदार, खानी पड़ी हवालात की हवा, ठेका भी हाथ से गया

Tue, 05 Apr 2022 11:01 AM IST
निवेदिता वर्मा यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 05 Apr 2022 11:01 AM IST
सार

आरोपी ठेकेदार एचईआरसी में काम पाने के लिए पहले भी अनेक फर्जीवाड़े कर चुका है। पूर्व में बसों की बॉडी बनाने के लिए इसने बैंक गारंटी के फर्जी दस्तावेज दे दिए थे। इस मामले में भी एफआईआर हो चुकी है।

विज्ञापन
Haryana: Blacklist contractor clashed with GM of Haryana roadways Engineering corporation
हरियाणा रोडवेज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा रोडवेज इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईआरसी) में बसें बनाने का ठेका पाने में सफल हो चुके ब्लैकलिस्ट ठेकेदार को जीएम से भिड़ना भारी पड़ गया। जीएम से बदसलूकी पर न केवल हवालात की हवा खानी पड़ी, बल्कि अब चेसिज पर बॉडी बांधने का काम भी नहीं मिलेगा। ठेकेदार ने जीएम से प्रतिद्वंद्वी फर्म के टेंडर के रेट जानने के लिए गलत आचरण किया। वह ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद फर्म का नाम बदलकर बॉडी बनाने का काम लगभग ले ही चुका था।

विज्ञापन


प्रभावशाली नेता का फोन कराने के बाद यह बीते शुक्रवार को एचईआरसी गुरुग्राम में जीएम से मिलने पहुंचा। यहां उसने दूसरी फर्म का रेट देने के लिए दबाव बनाया, जिससे जीएम ने साफ मना कर दिया। इस पर ठेकेदार ने गर्मागर्मी शुरू कर दी। जीएम कार्यालय के दरवाजे पर पैर मारे। बदतमीजी की हद होने पर जीएम ने पुलिस आयुक्त गुरुग्राम कला रामचंद्रन से संपर्क साधा। उन्होंने तुरंत ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया। रामचंद्रन इससे पहले परिवहन विभाग की प्रधान सचिव रह चुकी हैं, इसलिए उन्हें एचईआरसी में काम करने वाले ठेकेदारों की कारगुजारी की पूरी जानकारी है। 
विज्ञापन


आरोपी ठेकेदार एचईआरसी में काम पाने के लिए पहले भी अनेक फर्जीवाड़े कर चुका है। पूर्व में बसों की बॉडी बनाने के लिए इसने बैंक गारंटी के फर्जी दस्तावेज दे दिए थे। इस मामले में भी एफआईआर हो चुकी है। 809 बसें बनाने के लिए इसने ब्लैकलिस्ट फर्म की जगह नई फर्म तो बना दी, लेकिन अनुभव और जीएसटी नंबर पुराना लगा दिया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली हाई पावर परचेज कमेटी में इसका भी भंडाफोड़ हो गया। इसके बाद यह हाईकोर्ट पहुंचा, वहां भी निराशा हाथ लगी और मामला सरकार को भेज दिया गया। इसके बाद ठेकेदार ने सरकार में जुगाड़ भिड़ाकर जीएम पर दबाव डलवाया पर बदसलूकी से मामला बिगड़ गया। वैसे तो यह तय हो चुका है कि कुछ बॉडी बांधने का काम उसे दे दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

40 साल से चला आ रहा गड़बड़झाला : मूलचंद

परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने कहा कि एचईआरसी में 40 साल से गड़बड़झाला चला आ रहा है। तीन ही फर्म हैं, जो चेसिज पर बॉडी बांधकर बसें बनाने का ठेका लेती आ रही हैं। ये एक-दूसरे के खिलाफ कई तरह की आरोप भी लगा चुकी हैं। इनमें से एक-दो को काली सूची में भी डाला है। एक फर्म तो रोडवेज कर्मचारी के रिश्तेदार की ही है। एचईआरसी को इन फर्म ने आपसी जंग का मैदान बनाकर रखा हुआ है। इससे कई साल से बसें समय पर नहीं बन पा रहीं।

आने वाले समय में डेंटिंग-पेंटिंग का ही रहेगा काम

एचईआरसी के पास आने वाले दिनों में डेंटिंग-पेंटिंग का काम ही रह जाएगा। परिवहन विभाग 809 बसों को ही एचईआरसी में निजी फर्म के मजदूरों की मदद लेकर बनवाएगा। फर्म की नूराकुश्ती को देखते हुए भविष्य में बनी बनाई बसें लेने का खाका उच्चाधिकारी तैयार कर चुके हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed