हरियाणा विधानसभा चुनावः प्रत्याशी ढूंढने में ही कई दलों के छूटे पसीने, अब जीतना चुनौती
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विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के और निर्दलीय कुल 1168 प्रत्याशी मैदान में हैं। पिछले चुनाव की अपेक्षाकृत इन योद्धाओं की संख्या इस बार 183 कम हैं यानी वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में 1351 प्रत्याशी चुनावी रण में थे। लेकिन इस बार हैरत की बात यह रही कि कई दलों के तो प्रत्याशी ढूंढने में ही पसीने छूट गए। चूंकि बात उनके दलों के वजूद से भी जुड़ी थी, लिहाजा कड़ी मशक्कत कर उन्होंने कई प्रत्याशी मैदान में उतारे, लेकिन फिर भी ये दल सभी 90 सीटों पर अपने प्रत्याशी मैदान में नहीं उतार पाए। इन दलों के चुनाव जीतना अब बड़ी चुनौती के बराबर है।
भाजपा और कांग्रेस ही दो ऐसे दल हैं जिनके सभी नब्बे विधानसभा सीटों पर धुरंधर लड़ रहे हैं। चौटाला परिवार के विघटन के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही पूर्व सांसद अजय चौटाला की जननायक जनता पार्टी ने भी 90 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की कोशिश की और उतारे भी। मगर चुनाव से पहले ही उनके तीन प्रत्याशी मैदान छोड़ गए। अब उनके 87 प्रत्याशी मैदान में हैं।
इसी तरह 90 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का दावा करने वाली पूर्व सीएम ओपी चौटाला की इंडियन नेशनल लोकदल के 75 सीटों पर ही प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे है। बसपा ने 68 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। आम आदमी पार्टी ने 46 सीटों पर प्रत्याशी उतारे, जिसमें से 2 प्रत्याशियों के नामांकन रद हो गए। आप से अलग हुए योगेंद्र यादव की स्वराज इंडिया पार्टी सिर्फ 28 सीटों पर ही प्रत्याशी उतार पाई।
इसी तरह भाजपा के बागी पूर्व सांसद राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने 77 सीटों पर लड़ रही है, जबकि 13 सीटें लोसुपा ने एक अन्य दल राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी को दे दी हैं। पूर्व आईपीएस रणबीर शर्मा की राष्ट्रीय लोक स्वराज पार्टी और अन्य दलों से मिलकर बनाए गया ‘36 बिरादरी गठबंधन’ कुछेक सीटों पर ही चुनाव लड़ रहा है।