चुनावी मौसम में कांग्रेस को दो बड़े झटके, पूर्व मंत्री सतपाल और ईश्वर ने थामा जजपा का दामन
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कांग्रेस को झटका देते हुए जननायक जनता पार्टी ने दो वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को अपने पाले में मिला लिया है। सैलजा के खास रहे पूर्व राज्यसभा सदस्य ईश्वर सिंह और पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने अब कांग्रेस को अलविदा कह जजपा का दामन थाम लिया है। मंगलवार को कांग्रेस सरकार में सहकारिता मंत्री रहे दादरी निवासी सतपाल सांगवान ने अपने समर्थकों समेत जजपा ज्वाइन की।
राज्यसभा के पूर्व सदस्य व पूर्व विधायक रहे ईश्वर सिंह भी अपने समर्थकों सहित कांग्रेस छोड़कर जजपा में शामिल हो गए। इनके साथ-साथ बवानीखेड़ा से बीजेपी नेता नरेश बवानी और पूर्व जिला पार्षद जगदीश मिताथल ने भी जेजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इसके अलावा कारगिल युद्ध और 26/11 मुंबई ताज हमले के दौरान दुश्मन का लोहा लेने वाले कमांडो रामेश्वर श्योराण समेत अन्य कई लोगों ने जजपा की सदस्यता ली।
इस अवसर पर पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पार्टी में उन्हें पूरा मान सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि दोनों सीनियर नेताओं के आने से पार्टी को मजबूती मिली है। इस अवसर पर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सरदार निशान सिंह, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डा. केसी बांगड़ समेत अन्य जजपा नेता शामिल रहे।
ईश्वर सिंह : मूल रूप से कैथल जिले के निवासी ईश्वर सिंह 2008 से 2014 तक कांग्रेस से राज्यसभा सांसद रहे है। इस दौरान वे संसद में रेलवे, मानव संसाधन, एससी/एसटी सलाहकार समितियों के सदस्य भी रहे। ईश्वर सिंह 2014 से 2017 तक नेशनल एससी कमीशन के सदस्य थे। वे सन 1977 से 1982 तक गुहला विधानसभा सीट से विधायक भी रहे। 1979 से 1982 तक ईश्वर सिंह हाउसिंग बोर्ड, हरियाणा में चेयरमैन रहे। वहीं वे हरियाणा एजुकेशन बोर्ड के भी चेयरमैन भी रह चुके हैं।
सतपाल सांगवान : दादरी सीट पर 1996 से सक्रिय पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान पांच बार दादरी विधानसभा से चुनाव लड़े चुके हैं। उन्होंने 1996 में पहला चुनाव हविपा की टिकट से लड़ा और विधायक बने। 2009 में सांगवान चौधरी भजनलाल की हजका की टिकट पर जीते और कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। इसके साथ ही वे दादरी से ही 2000 में हविपा से और 2005 का चुनाव निर्दलीय लड़े और अच्छे वोट लिए। 2014 में भी कांग्रेस के दादरी से उम्मीदवार रहे, मगर हार गए।