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हरियाणा विस चुनावः सिर्फ एक मिनट से चूके जंदेड़ी और अंबाला सिटी शिअद-इनेलो के हाथ से निकली
Sat, 05 Oct 2019 11:09 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 05 Oct 2019 11:09 AM IST
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सुखबीर सिंह बादल
- फोटो : अमर उजाला
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नामांकन भरने के अंतिम दिन अंबाला सिटी विधानसभा क्षेत्र में एक अजीब नाटकीय घटना घटित हुई। जिसके चलते यह महत्वपूर्ण सीट मुकाबले से पहले ही इनेलो-शिअद गठबंधन के हाथ से निकल गई। पंजाब से सटी यह महत्वपूर्ण सीट इनेलो-शिअद गठबंधन के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रही है और इस सीट पर शिअद-इनेलो गठबंधन प्रत्याशी विरोधियों को कड़ी टककर देता रहा।
वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट से गठबंधन के प्रत्याशी बलविंद्र सिंह पूनिया ने 22763 वोट हासिल किए थे। लेकिन इस बार यह गठबंधन लड़ने से पहले ही चुनावी रण से बाहर हो गया। दरअसल, इस विधानसभा चुनाव में गठबंधन की यह सीट फिर से शिअद के खाते में गई थी।
हरियाणा मामलों को देखने वाले शिअद की विशेष कमेटी ने इस सीट से अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया था। लेकिन जिस प्रत्याशी को घोषित किया गया, वे प्रत्याशी शुक्रवार को नामांकन भरने की अंतिम दिन चुनाव लड़ने से ही मुकर गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार संबंधित प्रत्याशी को टिकट देने के बाद से ही शिअद के कुछ स्थानीय प्रभावशाली नेता हरियाणा मामलों को देखने वाली इस कमेटी के फैसले से नाराज थे।
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वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट से गठबंधन के प्रत्याशी बलविंद्र सिंह पूनिया ने 22763 वोट हासिल किए थे। लेकिन इस बार यह गठबंधन लड़ने से पहले ही चुनावी रण से बाहर हो गया। दरअसल, इस विधानसभा चुनाव में गठबंधन की यह सीट फिर से शिअद के खाते में गई थी।
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हरियाणा मामलों को देखने वाले शिअद की विशेष कमेटी ने इस सीट से अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया था। लेकिन जिस प्रत्याशी को घोषित किया गया, वे प्रत्याशी शुक्रवार को नामांकन भरने की अंतिम दिन चुनाव लड़ने से ही मुकर गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार संबंधित प्रत्याशी को टिकट देने के बाद से ही शिअद के कुछ स्थानीय प्रभावशाली नेता हरियाणा मामलों को देखने वाली इस कमेटी के फैसले से नाराज थे।
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कई दिनों से बगावती सुर भी अंदर ही अंदर उठते जा रहे थे, जिसे संबंधित शिअद प्रत्याशी भांप गया और उसने शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने से इंकार कर दिया। शिअद नेताओं ने इसकी सूचना तुरंत शिअद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर बादल को दी। जिसके बाद बादल ने इनेलो के विधायक अभय चौटाला से मंत्रणा की। इस मंत्रणा के बाद यह निर्णय लिया गया कि इनेलो तुरंत इस सीट पर अपना प्रत्याशी मैदान में उतार दे। आनन-फानन में इनेलो की ओर से तुरंत जिलाध्यक्ष शीशपाल जंदेड़ी को प्रत्याशी घोषित किया गया।
इसकी सूचना खुद विधायक अभय चौटाला ने करीब दो बजे फोन कर जंदेड़ी को दी और तुरंत नामांकन दाखिल करने को कहा। अभय का फोन आते ही जंदेड़ी की टीम तैयारियों में जुट गई और तमाम दस्तावेज लेकर सहायक निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में पहुंच गई। लेकिन जंदेड़ी जब नामांकन दाखिल करने निर्वाचन कार्यालय पहुंचे तो उस वक्त समय 3 बजकर 1 मिनट हो रहा था। जबकि नामांकन दाखिल करने का समय केवल 3 बजे तक था। इनेलो प्रत्याशी जंदेड़ी द्वारा काफी आग्रह करने के बावजूद उनका नामांकन स्वीकार नहीं किया गया।
इसके बाद विधायक अभय चौटाला ने भी निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क कर जंदेड़ी का नामांकन स्वीकार करने का आग्रह किया। मगर अभय चौटाला को बताया गया कि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी चल रही है और नियमानुसार नामांकन प्रक्रिया 3 बजे समाप्त हो चुकी है। अंतत: 1 मिनट की देरी से यह महत्वपूर्ण सीट गठबंधन के हाथ से निकल गई।
इसकी सूचना खुद विधायक अभय चौटाला ने करीब दो बजे फोन कर जंदेड़ी को दी और तुरंत नामांकन दाखिल करने को कहा। अभय का फोन आते ही जंदेड़ी की टीम तैयारियों में जुट गई और तमाम दस्तावेज लेकर सहायक निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में पहुंच गई। लेकिन जंदेड़ी जब नामांकन दाखिल करने निर्वाचन कार्यालय पहुंचे तो उस वक्त समय 3 बजकर 1 मिनट हो रहा था। जबकि नामांकन दाखिल करने का समय केवल 3 बजे तक था। इनेलो प्रत्याशी जंदेड़ी द्वारा काफी आग्रह करने के बावजूद उनका नामांकन स्वीकार नहीं किया गया।
इसके बाद विधायक अभय चौटाला ने भी निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क कर जंदेड़ी का नामांकन स्वीकार करने का आग्रह किया। मगर अभय चौटाला को बताया गया कि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी चल रही है और नियमानुसार नामांकन प्रक्रिया 3 बजे समाप्त हो चुकी है। अंतत: 1 मिनट की देरी से यह महत्वपूर्ण सीट गठबंधन के हाथ से निकल गई।
किसी कारणवश अंबाला सिटी और पेहवा से शिअद प्रत्याशी नहीं उतर पाए हैं। पेहवा से तो इनेलो ने अपना प्रत्याशी मंजीत सिंह को उतारा है। अंबाला सिटी में क्या दिक्कत हुई है, इस बारे में हरियाणा मामलों को देखने वाली शिअद कमेटी के प्रभारी ही बता सकते हैं।
- सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, शिअद
मुझे दोपहर लगभग दो बजे इनेलो की ओर से परचा दाखिल करने की सूचना मिली थी। तैयारी कर निर्वाचन कार्यालय तक भी पहुंच गया था। मगर एक मिनट की देरी से निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन लेने से मना कर दिया। अब इनेलो-शिअद गठबंधन किसे समर्थन करेगी, इसका फैसला 7 अक्टूबर को पार्टी करेगी।
- शीशपाल जंदेड़ी, इनेलो प्रत्याशी, अंबाला सिटी
- सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, शिअद
मुझे दोपहर लगभग दो बजे इनेलो की ओर से परचा दाखिल करने की सूचना मिली थी। तैयारी कर निर्वाचन कार्यालय तक भी पहुंच गया था। मगर एक मिनट की देरी से निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन लेने से मना कर दिया। अब इनेलो-शिअद गठबंधन किसे समर्थन करेगी, इसका फैसला 7 अक्टूबर को पार्टी करेगी।
- शीशपाल जंदेड़ी, इनेलो प्रत्याशी, अंबाला सिटी