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हरियाणा विधानसभा के चुनावी रण में इस बार घोटाले बनेंगे बड़ा ‘हथियार, भाजपा करेगी पलटवार
Tue, 24 Sep 2019 11:58 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 24 Sep 2019 11:58 AM IST
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मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के चुनावी रण में पिछले कुछ समय के दौरान घोटालों को भी विरोधी हथियार बनाने की तैयारी में है। इन घोटालों को चुनावी मुद्दा बनाते हुए विरोधी भाजपा की घेराबंदी करेंगे। खुले मंच पर चुनावी जनसभाओं में विरोधी दलों के नेताओं ने घोटाला का बखान करना भी शुरू कर दी है। उधर, भाजपा ने भी विरोधियों केइस वार को भांपते हुए पलटवार की तैयारी शुरू कर दी है। घोटालों पर विरोधियों का मुंह किस तरह से बंद करना है, भाजपा इस होमवर्क में जुटी हुई है।
पिछले पांच साल में आर्थिक अनियमितताएं हों या फिर अन्य गड़बड़झाले, मनोहर सरकार ने न तो इस पर परदा डालने की कोशिश की और न ही इसे अनदेखा किया। बल्कि इन अनियमितताओं पर भाजपा ने गंभीरता से कार्रवाई की पहल करते हुए कूटनीतिक रूप से इन्हें अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश भी की है। लेकिन विरोधियों ने अपनी चुनावी रणनीति में इन घोटाला का ठीकरा प्रदेश सरकार पर ही फोड़ने की तैयारी की है।
भाजपा इस तरह करेगी पलटवार
भाजपा भी इन घोटाला के पलटवार पर पूरी तरह तैयार है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार ने संज्ञान में आते ही खुद इन घोटालों खुद कार्रवाई करवाई है, न कि पूर्व सरकारों की तरह इस पर परदा डाला है। नेताओं का कहना है कि पूर्व की कांग्रेस सरकार हो या इनेलो सरकार अपने कार्यकाल में जिन नेताओं ने घोटाले किए या घोटालों को संरक्षण दिया उनमें से कुछ जेल में हैं और कुछ जाने की तैयारी में हैं। मगर भाजपा न तो भ्रष्टाचार बर्दाश्त करती है और भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शती है।
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पिछले पांच साल में आर्थिक अनियमितताएं हों या फिर अन्य गड़बड़झाले, मनोहर सरकार ने न तो इस पर परदा डालने की कोशिश की और न ही इसे अनदेखा किया। बल्कि इन अनियमितताओं पर भाजपा ने गंभीरता से कार्रवाई की पहल करते हुए कूटनीतिक रूप से इन्हें अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश भी की है। लेकिन विरोधियों ने अपनी चुनावी रणनीति में इन घोटाला का ठीकरा प्रदेश सरकार पर ही फोड़ने की तैयारी की है।
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भाजपा इस तरह करेगी पलटवार
भाजपा भी इन घोटाला के पलटवार पर पूरी तरह तैयार है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार ने संज्ञान में आते ही खुद इन घोटालों खुद कार्रवाई करवाई है, न कि पूर्व सरकारों की तरह इस पर परदा डाला है। नेताओं का कहना है कि पूर्व की कांग्रेस सरकार हो या इनेलो सरकार अपने कार्यकाल में जिन नेताओं ने घोटाले किए या घोटालों को संरक्षण दिया उनमें से कुछ जेल में हैं और कुछ जाने की तैयारी में हैं। मगर भाजपा न तो भ्रष्टाचार बर्दाश्त करती है और भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शती है।
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इन घोटालों पर होगी जमकर सियासत
- किलोमीटर स्कीम घोटाला: 700 निजी बसों को किलोमीटर रेट के आधार पर हायर करने की महत्वकांक्षी योजना उस वक्त विवादों में घिर गई, जबकि पहले चरण में 510 बसों के टेंडर प्रक्रिया में रेट संबंधी अनियमितताएं सामने आ गई। इससे सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान तय था। मामला संज्ञान में आते ही इसकी जांच सरकार ने विजिलेंस को सौंप दी थी। विजिलेंस ने भी जांच में गड़बड़झाले पर मुहर लगाते हुए आगामी कार्रवाई के लिए केस भेजा हुआ है।
- पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाला : यह मामला अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं से जुड़ा हुआ है। जिसमें आधार नंबरों के बेस पर फर्जी छात्र दिखाकर उनकी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलशिप हड़प लिया गया। करीब 26 करोड़ का घोटाला अभी तक सामने आ चुका है। जबकि घोटाले की रकम और बढ़ने की आशंका है। मामला संज्ञान में आते ही सरकार ने इसकी जांच भी विजिलेंस को सौंपी दी है। विभिन्न शहरों में विजिलेंस ने केस दर्ज किए हैं।
- एचएसएससी भर्ती घोटाला: यह मामला हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों से जुड़ा है। जिसके अंतर्गत आयोग के कुछ कर्मचारियों व दलालों की मिलीभगत का खेल सामने आया था। किस तरह से अभ्यर्थियों से नौकरी दिलवाने के लिए लाखों में सौदा किया जा रहा था, इसकी आडियो क्लीपिंग तक जारी हो गई थी। सीएम फ्लाइंग स्कॉवड ने इसकी जांच कर केस दर्ज करवाया था। मगर अदालत ने जांच पर असंतोष जताते हुए एसआईटी ने इसकी जांच के आदेश दिए थे। जांच अभी जारी है।
- ओवरलोडिड वाहन घोटाला : इस मामले में ओवरलोडिड वाहनों को रिश्वत लेकर छोड़ने का गोरखधंधा सामने आया था। कई अफसर और कर्मचारी इस घोटाले की आंच में आए थे। सरकार के खुद कृषि मंत्री ने सीएम को पत्र लिखकर इसकी सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। लेकिन इसकी जांच भी विजिलेंस को सौंपी गई है। केस दर्ज हो चुका है।
- पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाला : यह मामला अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं से जुड़ा हुआ है। जिसमें आधार नंबरों के बेस पर फर्जी छात्र दिखाकर उनकी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलशिप हड़प लिया गया। करीब 26 करोड़ का घोटाला अभी तक सामने आ चुका है। जबकि घोटाले की रकम और बढ़ने की आशंका है। मामला संज्ञान में आते ही सरकार ने इसकी जांच भी विजिलेंस को सौंपी दी है। विभिन्न शहरों में विजिलेंस ने केस दर्ज किए हैं।
- एचएसएससी भर्ती घोटाला: यह मामला हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों से जुड़ा है। जिसके अंतर्गत आयोग के कुछ कर्मचारियों व दलालों की मिलीभगत का खेल सामने आया था। किस तरह से अभ्यर्थियों से नौकरी दिलवाने के लिए लाखों में सौदा किया जा रहा था, इसकी आडियो क्लीपिंग तक जारी हो गई थी। सीएम फ्लाइंग स्कॉवड ने इसकी जांच कर केस दर्ज करवाया था। मगर अदालत ने जांच पर असंतोष जताते हुए एसआईटी ने इसकी जांच के आदेश दिए थे। जांच अभी जारी है।
- ओवरलोडिड वाहन घोटाला : इस मामले में ओवरलोडिड वाहनों को रिश्वत लेकर छोड़ने का गोरखधंधा सामने आया था। कई अफसर और कर्मचारी इस घोटाले की आंच में आए थे। सरकार के खुद कृषि मंत्री ने सीएम को पत्र लिखकर इसकी सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। लेकिन इसकी जांच भी विजिलेंस को सौंपी गई है। केस दर्ज हो चुका है।