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हरियाणा में फसल अवशेष जलाने वाले 332 गांव रेड और 675 येलो जोन में
Tue, 22 Sep 2020 08:38 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 22 Sep 2020 08:38 PM IST
सार
- अवशेष जलाने की घटनाओं के आधार पर सभी जिलों में लाल, पीले, नारंगी और हरे जोन बने
- इस साल ऐसी घटनाओं पर नजर रखेंगे अधिकारी, मुख्यालय में करेंगे रिपोर्ट
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसलों के अवशेष जलाने पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पिछले साल अवशेष जलाने की घटनाओं के आधार पर सभी जिलों में लाल, पीले, नारंगी और हरे रंग के जोन बनाए हैं। इनमें 332 गांव लाल जोन (रेड जोन) में और 675 पीले जोन में आए हैं।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि हरियाणा सरकार ने उन सभी 11,311 किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का फैसला लिया है। जिन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन योजना ‘फसलों के इन-सीटू प्रबंधन के लिए कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा’ के तहत वर्तमान मौसम में कृषि उपकरणों के लिए आवेदन किया है। इसके तहत 50 फीसदी की दर से कुल 155 करोड़ वित्तीय सहायता के रूप में दिए जाएंगे।
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कौशल ने बताया कि विभाग द्वारा 454 बेलर, 5820 सुपर सीडर, 5418 जीरो-टील सीड-ड्रिल, 2918 चोपर व मल्चर, 260 हैप्पी सीडर, 389 स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, 64 रोटरी स्लैशर्स व शर्ब मास्टर्स, 454 रिवर्सेबल मोल्ड हल और 288 रीपर लाभार्थियों को प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में जिला प्रशासन और विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गए हैं कि वे फसलों के अवशेष जलाने की घटनाओं की निगरानी करें और रिपोर्ट करें।
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