बर्थ-डे पर भी पुलिस कस्टडी से 'रिहा’ नहीं हुए हनुमान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार जिले के कैमरी गांव में तथाकथित चर्च प्रकरण में सदर थाने में पुलिस कस्टडी में रखी हनुमान जी की प्रतिमा हनुमान जयंती (बर्थ डे) पर भी आजाद नहीं हो सकी। सदर थाने में ही हनुमान जयंती पर पुलिस कर्मचारियों व पुजारी ने उनकी पूजा अर्चना की। कोई भी धार्मिक संगठन व कैमरी के ग्रामीण हनुमान जी को आजाद करवाने नहीं आए।
---
पंचायती समझौते के बाद कस्टडी में क्यों
कैमरी गांव में हुए 13 मार्च को तथाकथित चर्च प्रकरण में हाल ही में कांग्रेस के पूर्व मंत्री ने ग्रामीणों व पादरी सुभाष के बीच समझौता करवाया था। यह समझौता अंबाला में हुआ था। समझौते के बावजूद भी अभी तक न तो पादरी हिसार आए हैं और न ही हनुमान जी को पुलिस कस्टडी से आजाद करवाया जा सका है।
:::
वर्जन
वैसे तो हनुमान जी की प्रतिमा थाना में सुरक्षित और अच्छी तरह से रखी हुई है। थाने में बने मंदिर में उनकी मूर्ति को रखा गया है। विश्व हिंदू परिषद नहीं चाहती कि इसका मुद्दा बने इसलिए हम मूर्ति मामले में दखलअंदाजी नहीं करेंगे।
-विजय शर्मा, महामंत्री, विश्व हिंदू परिषद
ग्रामीणों को रविवार को रेस्ट हाउस में मीटिंग के लिए बुलाया गया है। इस बारे में उनसे बात करेंगे। थाने में हनुमानजी को रखना गलत है। ग्रामीणों को साथ लेकर उनकी जमानत करवाएंगे।
- धर्मपाल सिवाच, प्रदेश उपाध्यक्ष, हिंदू महासभा
शिवजी भी है छह साल से पुलिस कस्टडी में
हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष जुगलान गांव के पूर्व सरपंच धर्मपाल सिवाच ने कहा कि हनुमानजी ही नहीं शिव का परिवार भी छह साल से पुलिस कस्टडी में है। जुगलान गांव में छह साल पहले एक व्यक्ति ने शराब पीकर मंदिर से शिव व उनके परिवार को उखाड़ दिया। शिव की मूर्ति को शराबी ने ट्रांसफार्मर पर रख दिया। मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने मूर्ति को कब्जे में ले लिया, जिसकी किसी ने आजतक जमानत नहीं करवाई।
:::
ये था मामला
---
13 मार्च को सदर पुलिस ने केस दर्ज किया था। मामले की शिकायत पादरी सुभाष ने दी थी। शिकायत में उसने बताया था कि निर्माणाधीन चर्च को ग्रामीणों ने तोड़ दिया।
क्रॉस के स्थान पर श्रीराम का झंडा लगा दिया तथा उसके नीचे हनुमान जी की मूर्ति रख दी। पुलिस ने पादरी की शिकायत पर गांव के सरपंच व दो पूर्व सरपंच सहित 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद खासा हंगामा हुआ था। पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया था। जिसे कुछ दिन न्यायिक हिरासत के बाद कोर्ट से जमानत मिल गई थी।
---
गुड फ्राइडे पर चर्च में भी नहीं हुई अराधना
कैमरी गांव में तथाकथित चर्च में गुड फ्राइडे पर चर्च में भी अराधना नहीं हुई। विवादों के बीच आराधना के लिए कैमरी में कोई नहीं पहुंचा। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि विवाद के बाद से फादर सुभाष गांव वापस नहीं आया है।