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इंसानियत शर्मसार, दिव्यांग बहन को ट्रेन में छोड़ गए भाई, रुला देगी कहानी
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
Updated Sun, 26 Jun 2016 10:02 AM IST
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यमुनानगर रेलवे स्टेशन पर लावारिस मिली 20 साल की दिव्यांग युवती
- फोटो : अमर उजाला
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दो भाइयों की करतूत ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। 20 साल की दिव्यांग युवती को उसके भाई ट्रेन में छोड़कर चले गए। 20 साल की दिव्यांग युवती को उसके भाई ट्रेन में छोड़कर चले गए। किसी भले मानुष ने उसे प्लेट फॉर्म पर उतार दिया, लेकिन अब वह क्या करे, सिवाय अपनी किस्मत को और भाईयों को कोसने के अलावा। युवती की कहानी बेहद दर्दनाक है। लावारिस बैठे देखकर किसी ने स्टेशन मास्टर को खबर दी।
वह युवती के पास आया और उसके बारे में पूछने लगा। युवती ने बताया कि उसका नाम पिंकी राजपूत है। वह पंजाब के नंगल की रहने वाली है। उसके दो भाई हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। मां बाप नहीं हैं। शुक्रवार सुबह वे उसे गंगा स्नान कराने की बात कहकर लाए थे। अचानक ट्रेन में उसकी आंख लग गई। जब उठी तो देखा कि भाई वहां पर नहीं थे और ट्रेन खाली हो चुकी थी। आसपास लोगों से पूछा तो उन्होंने बताया कि वे दोनों स्टेशन पर उतरे थे, लेकिन वापिस आते नहीं देखा।
यह बताते हुए युवती फूट-फूट कर रोने लगी। रोते हुए लड़की कहने लगी कि इस तरह स्टेशन पर छोड़ने से अच्छा था, किसी अनाथ आश्रम में छोड़ देते। कम से कम सिर पर छत और पेट भरने को खाना तो मिलता। युवती की बात सुनकर स्टेशन मास्टर भावुक हो गया। वह उसे अपने साथ ले गया और खाना खिलाया। इसके बाद उत्थान एनजीओ को फोन कर दिया। खबर मिलते ही एनजीओ की निर्देशिका पहुंची और युवती को अपने साथ ले गई। फिलहाल युवती का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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वह युवती के पास आया और उसके बारे में पूछने लगा। युवती ने बताया कि उसका नाम पिंकी राजपूत है। वह पंजाब के नंगल की रहने वाली है। उसके दो भाई हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। मां बाप नहीं हैं। शुक्रवार सुबह वे उसे गंगा स्नान कराने की बात कहकर लाए थे। अचानक ट्रेन में उसकी आंख लग गई। जब उठी तो देखा कि भाई वहां पर नहीं थे और ट्रेन खाली हो चुकी थी। आसपास लोगों से पूछा तो उन्होंने बताया कि वे दोनों स्टेशन पर उतरे थे, लेकिन वापिस आते नहीं देखा।
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यह बताते हुए युवती फूट-फूट कर रोने लगी। रोते हुए लड़की कहने लगी कि इस तरह स्टेशन पर छोड़ने से अच्छा था, किसी अनाथ आश्रम में छोड़ देते। कम से कम सिर पर छत और पेट भरने को खाना तो मिलता। युवती की बात सुनकर स्टेशन मास्टर भावुक हो गया। वह उसे अपने साथ ले गया और खाना खिलाया। इसके बाद उत्थान एनजीओ को फोन कर दिया। खबर मिलते ही एनजीओ की निर्देशिका पहुंची और युवती को अपने साथ ले गई। फिलहाल युवती का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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