{"_id":"628bed67f9612625581afda1","slug":"hallomajra-school-students-will-be-shifted-to-number-four-colony-chandigarh-news-pkl451536956","type":"story","status":"publish","title_hn":"हल्लोमाजरा स्कूल के छात्रों को चार नंबर कॉलोनी में किया जाएगा शिफ्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हल्लोमाजरा स्कूल के छात्रों को चार नंबर कॉलोनी में किया जाएगा शिफ्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। हल्लोमाजरा स्थित गवर्नमेंट हाईस्कूल का टीन शेड में चल रहे हिस्से को बंद करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने स्कूल के छात्रों को चार नंबर कॉलोनी के स्कूल में शिफ्ट करने का फैसला लिया है। चार नंबर कॉलोनी का हाईस्कूल प्रशासन की ओर से वर्ष 2019 में कॉलोनी को मलोया शिफ्ट करने पर बंद कर दिया था। उस दौरान प्रशासन ने हवाला दिया था कि स्कूल बिल्डिंग पुरानी है, इसलिए सुरक्षित नहीं है। अब प्रशासन का कहना है कि 30 जून तक इंजीनियरिंग विभाग बिल्डिंग का नवीनीकरण कर देगा, इसके बाद बच्चों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। इसको लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को कॉलोनी नंबर चार के स्कूल का दौरा भी किया।
शिक्षा निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा ने बताया कि प्रशासन की ओर से पहले दिन प्रस्तावित मक्खनमाजरा का स्कूल बच्चों के लिए दूर पड़ेगा। इसलिए प्रशासन की ओर से कॉलोनी नंबर चार के स्कूल में बच्चों को शिफ्ट करने का फैसला लिया है। मक्खनमाजरा का स्कूल हल्लोमाजरा से चार किमी की दूरी पर है, वहीं कॉलोनी नंबर चार का स्कूल डेढ़ से दो किमी की दूरी पर है। कॉलोनी नंबर चार के स्कूल में आठवीं, नौंवी और दसवीं के छात्रों को शिफ्ट करने का फैसला किया है। सोमवार को टीम के साथ स्कूल का दौरा किया और बिल्डिंग के हालात देखे। स्कूल में 11 कक्षाओं के लिए और तीन स्टाफ के लिए कमरे हैं। इंजीनियरिंग विभाग 30 जून तक स्कूल का नवीनीकरण कर शिक्षा विभाग को सौंपेगा। स्कूल में टाइलें आदि लगाई जाएंगी। 30 जून के बाद स्कूल का दौरा कर, बच्चों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। बच्चों को प्रशासन की ओर से कोई ट्रांसपोर्ट सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जाएगी।
टीन शेड की जगह बनेगा बड़ा स्कूल
डॉ. पालिका अरोड़ा ने बताया कि हल्लोमाजरा के टीन शेड स्कूल की जगह सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाने की योजना बनाई जा रही है। इंजीनियरिंग विभाग की ओर से जगह देखी गई है, अभी इसका प्लान तैयार किया जाएगा। अभी स्कूल बनने में समय लगेगा, इसलिए बच्चों को कॉलोनी नंबर चार में शिफ्ट किया जा रहा है। टीन शेड के कमरों में बच्चों को अब नहीं पढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
शिक्षकों की कमी की आएगी समस्या
शिक्षा विभाग के पास शिक्षकों की भारी कमी है, वहीं बहुत से स्कूलों में स्कूल प्रमुख भी नहीं है। ऐसे में बिना शिक्षकों की नियुक्ति के एक और स्कूल तैयार किए जाने पर स्कूल में शिक्षकों की समस्या आएगी। हल्लोमाजरा के स्कूल में भी पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं।
विज्ञापन
शिक्षा निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा ने बताया कि प्रशासन की ओर से पहले दिन प्रस्तावित मक्खनमाजरा का स्कूल बच्चों के लिए दूर पड़ेगा। इसलिए प्रशासन की ओर से कॉलोनी नंबर चार के स्कूल में बच्चों को शिफ्ट करने का फैसला लिया है। मक्खनमाजरा का स्कूल हल्लोमाजरा से चार किमी की दूरी पर है, वहीं कॉलोनी नंबर चार का स्कूल डेढ़ से दो किमी की दूरी पर है। कॉलोनी नंबर चार के स्कूल में आठवीं, नौंवी और दसवीं के छात्रों को शिफ्ट करने का फैसला किया है। सोमवार को टीम के साथ स्कूल का दौरा किया और बिल्डिंग के हालात देखे। स्कूल में 11 कक्षाओं के लिए और तीन स्टाफ के लिए कमरे हैं। इंजीनियरिंग विभाग 30 जून तक स्कूल का नवीनीकरण कर शिक्षा विभाग को सौंपेगा। स्कूल में टाइलें आदि लगाई जाएंगी। 30 जून के बाद स्कूल का दौरा कर, बच्चों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। बच्चों को प्रशासन की ओर से कोई ट्रांसपोर्ट सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जाएगी।
विज्ञापन
टीन शेड की जगह बनेगा बड़ा स्कूल
डॉ. पालिका अरोड़ा ने बताया कि हल्लोमाजरा के टीन शेड स्कूल की जगह सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाने की योजना बनाई जा रही है। इंजीनियरिंग विभाग की ओर से जगह देखी गई है, अभी इसका प्लान तैयार किया जाएगा। अभी स्कूल बनने में समय लगेगा, इसलिए बच्चों को कॉलोनी नंबर चार में शिफ्ट किया जा रहा है। टीन शेड के कमरों में बच्चों को अब नहीं पढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
शिक्षकों की कमी की आएगी समस्या
शिक्षा विभाग के पास शिक्षकों की भारी कमी है, वहीं बहुत से स्कूलों में स्कूल प्रमुख भी नहीं है। ऐसे में बिना शिक्षकों की नियुक्ति के एक और स्कूल तैयार किए जाने पर स्कूल में शिक्षकों की समस्या आएगी। हल्लोमाजरा के स्कूल में भी पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं।