H3N2 Influenza: हरियाणा के नौ जिलों में H3N2 की दस्तक, अधूरी तैयारियों से स्वास्थ्य विभाग की सांसें फूली
एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के कुल 17 केस हैं। इनमें से 14 ठीक हो चुके हैं, इस समय एक केस सक्रिय है। इस वायरस से भिवानी और कैथल में एक-एक मरीज की जान जा चुकी है। वहीं, सिरसा, कैथल, फतेहाबाद में 3-3, हिसार-भिवानी 2-2, करनाल 2 पंचकूला और सोनीपत में 1-1 मामला मिला है।
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हरियाणा के नौ जिलों में एन्फ्लुएंजा वायरस एच3एन2 ने दस्तक दे दी है। अब तक रोहतक में 3, पंचूकला, सोनीपत, फतेहाबाद, फरीदाबाद, अंबाला, जींद, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी 1-1 मरीज मिल चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में एच3एन2 की जांच किटें कम हैं, इसके चलते सैंपल भी काफी कम संख्या में लिए जा रहे हैं। अगर जांच बढ़ी तो यकीनन संक्रमण के मामले भी बढ़ने तय हैं।
उधर, किटों की कमी को लेकर स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पांव फूले हुए हैं। विभाग अभी तक किटों की खरीद को लेकर कोई फैसला नहीं ले पाया है। आंकड़ों के मुताबिक कुल 11 केसों में से 6 ठीक हो चुके हैं। हालांकि, अभी तक जींद के जुलाना के व्यक्ति की एन3एच2 संक्रमण से मौत की पुष्टि हुई है लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि व्यक्ति पहले से ही कैंसर से पीड़ित था।
केंद्र ने राज्यों से मांगा केसों का डाटा
उधर, केंद्र सरकार ने वायरस के संक्रमण को गंभीरता से लेते हुए राज्यों से केसों की जानकारी मांगी है। इन्हीं केसों के आधार पर केंद्र भविष्य के लिए योजना तैयार करेगा। हालांकि, पहले से केंद्र राज्यों को प्रोटोकाल भेज चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग केंद्र से लगातार संपर्क साध रहा है, जैसे निर्देश मिलेंगे उसी आधार पर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
सात जिलों में स्वाइन फ्लू, हो चुकी दो की मौत
एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के कुल 17 केस हैं। इनमें से 14 ठीक हो चुके हैं, इस समय एक केस सक्रिय है। इस वायरस से भिवानी और कैथल में एक-एक मरीज की जान जा चुकी है। वहीं, सिरसा, कैथल, फतेहाबाद में 3-3, हिसार-भिवानी 2-2, करनाल 2 पंचकूला और सोनीपत में 1-1 मामला मिला है।
तीन जिला अस्पताल और पांच मेडिकल कॉलेजों में करा सकते हैं जांच
स्वास्थ्य विभाग की ओर प्रदेश के तीन जिला अस्पतालों पंचकूला, गुरुग्राम और अंबाला में एच3एन2 संक्रमण के जांच की सुविधा है। इसके अलावा, पांचों मेडिकल कॉलेज करनाल, खानपुर, मेवात, रोहतक समेत अग्रोहा स्थित मेडिकल कॉलेज में सैंपल भेजे जा रहे हैं। वहीं, जरूरत पड़ने पर पीजीआई चंडीगढ़ और एनसीडीसी दिल्ली भी सैंपल भेजे जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। सभी सीएमओ को सख्त निर्देश दिए हैं। जांच किटों की कमी की बात सामने आई है, इसे जल्द दूर कर लिया जाएगा। कुछ मेडिकल कॉलेज ने सुझाव दिया है कि जिस किट से एच1एन1 से जांच की जा रही है, उससे ही एच3एच2 की जांच हो सकती है। जल्द इस पर निर्णय ले लिया जाएगा और इसके बाद तेजी से सैंपल भी लिए जाएंगे और जांच में भी तेजी आएगी। -डॉ. सोनिया त्रिखा खुल्लर, महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग।