{"_id":"5c48a570bdec2273703fff58","slug":"gram-sabhas-to-be-done-upto-20-lakh-development-work-in-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम सभाएं करवा सकेंगी 20 लाख तक का विकास कार्य, ऐसा करने वाला पहला राज्य बना हरियाणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम सभाएं करवा सकेंगी 20 लाख तक का विकास कार्य, ऐसा करने वाला पहला राज्य बना हरियाणा
Thu, 24 Jan 2019 09:25 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 24 Jan 2019 09:25 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा सरकार ग्रामीण विकास ढांचे को और मजबूत करने जा रही है। इस कड़ी में सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए गांवों की ग्राम सभाओं को एक विशेषाधिकार देने जा रही है। 26 जनवरी को जींद (आचार संहिता की वजह से) को छोड़कर अन्य सभी जिलों के गांव की ग्राम सभाएं अब खुद निर्माण कार्य करवा सकेंगी। उन्हें अपने गांव में अब 15 लाख से लेकर 20 रुपये तक का विकास कार्य करवाने का अधिकार होगा।
विज्ञापन
पहले ये अधिकार सिर्फ ग्राम पंचायत को ही होता था। ऐसा करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य होगा जहां ग्राम सभाओं को इस प्रकार के अधिकार मिलेंगे। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा अपने स्तर पर गांव में प्राथमिकता से होने वाला एक काम तय करेगी।
विज्ञापन
ये काम 15 लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक हो सकता है। जिन गांवों की आबादी 3 हजार या इससे कम है, जहां सीमा 15 लाख रहेगी और जहां सीमा 3 हजार से अधिक है वहां सीमा 20 लाख रुपये तक रहेगी।
विज्ञापन
दस हजार युवाओं को करेंगे जागरूक
धनखड़ ने कहा कि युवाओं को ग्रामीण सेवा से जोड़ने के लिए आरंभ किए गए ग्रामीण विकास के लिए तरुण ‘गर्वित’ कार्यक्रम के तहत 10 हजार से अधिक युवा एवं युवतियां ग्राम पंचायत और सरकार के बीच एक सेतु का कार्य कर रहे है, जिनको 14 फरवरी, 2019 को अंतर्राष्ट्रीय फल एवं सब्जी मंडी गन्नौर में सम्मानित किया जाएगा।
कर्ज माफी नहीं, किसानों को समृद्ध बनाने पर काम कर रही सरकार
कर्ज माफी के एक सवाल पर कृषिमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस किसान को समृद्ध बनाने पर है न कि उसे कर्जदार बनाने पर। उन्होंने साफ कहा कि सरकार ऐसी कई नीतियों पर काम कर रही है। जिससे प्रदेश का किसान समृद्ध बने। किसान पेंशन के संबंध में धनखड़ ने कहा कि यह सरकार के विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि हमने किसान को पिछले चार वर्षों में जोखिम मुक्त बनाने की पहल की है तथा लगभाग 3640 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है।