{"_id":"5bb84b72867a55079949efd6","slug":"government-teachers-protest-against-punjab-government-due-to-decreasion-in-salary","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाबः सैलरी में कटौती से फूटा टीचर्स का गुस्सा, भड़के शिक्षकों ने सीएम को भेजी खून भरी बोतलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाबः सैलरी में कटौती से फूटा टीचर्स का गुस्सा, भड़के शिक्षकों ने सीएम को भेजी खून भरी बोतलें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 06 Oct 2018 11:13 AM IST
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सैलरी में कटौती से फूटा टीचर्स का गुस्सा
तनख्वाह कम करने के विरोध में एसएसए, रमसा अध्यापकों का गुस्सा फूट पड़ा। फिर अध्यापक डीसी दफ्तर में इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अध्यापकों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ अपने खून की बोतलें डीसी के जरिये सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को भेजीं। यूनियन के प्रदेश प्रधान हरदीप सिंह टोडरपुर ने कहा कि सरकार ने अपने इस फैसले से जो 8800 अध्यापकों के परिवारों को उजाड़ने का कदम उठाया है। इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखा जाएगा। अध्यापक इस कम वेतन में कैसे अपने परिवारों का गुजारा करेंग, यह सरकार को सोचना चाहिए। सरकार अपने चुनावी वादों से मुकर रही है। सरकार अपने वादे पूरा करे, वर्ना सात अक्तूबर से सीएम सिटी में पक्का धरना लगा दिया जाएगा।
वेतन 15 हजार, किश्त 16 हजार, कैसे चलेगा गुजारा
वेतन में कटौती को लेकर शहर के एक अध्यापक की डॉ. नवजोत कौर सिद्धू से फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किया गया है। इसमें अध्यापक ने कहा कि उसका वेतन 15 हजार कर दिया है, वह भी कच्चे मुलाजिम के तौर पर। जबकि उसने अपना घर बनाने के लिए 16 लाख का बैंक कर्ज लिया था जिसकी किश्त ही 16 हजार रुपये है। ऐसे में वह गुजारा कैसे करेगा। जवाब में डॉ. सिद्धू ने कहा कि वह चंडीगढ़ जा रही हैं, मंत्री सिद्धू से इस मामले पर बात करेंगी।
वेतन में कटौती से नाराज अध्यापकों ने निकाला कैंडल मार्च
एसएसए, रमसा अध्यापकों को रेगुलर करने के लिए वेतन में 65 प्रतिशत कटौती की शर्त रखने से नाराज अध्यापकों ने वीरवार देर रात पटेल चौक में धरना दिया। पटेल चौक से कैंडल मार्च निकाल कैप्टन सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते अध्यापकों ने विधायक की कोठी का घेराव भी किया। जिलाध्यक्ष राजन गुप्ता के नेतृत्व में रोष जता रहे अध्यापकों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनके मौजूदा वेतन पर ही उनकी सेवाएं रेगुलर न की तो वह भी किसानों की तरह आत्मदाह करने पर मजबूर हो जाएंगे। राजन ने कहा कि 10 वर्षों से काम कर रहे अध्यापकों ने पहले ही बहुत संघर्ष किया था, जिसकी बदौलत पिछली सरकार ने एक्ट बनाया था।
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अब कांग्रेस सरकार ने नया प्रस्ताव लाकर अध्यापकों के साथ भद्दा मजाक किया है। कैबिनेट इस 15 हजार रुपये पर रेगुलर करने के फैसले को वापस ले और अध्यापकों को उनके वेतन पर रेगुलर करें। अध्यापकों ने कैप्टन सरकार, शिक्षामंत्री ओपी सोनी के खिलाफ नारे भी लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस न लिया तो वह हर चुनाव का बायकाट करेंगे। सात अक्तूबर को पटियाला में कैप्टन अमरिंदर के शहर में पक्का धरना लगा देंगे। टीचरों ने रात करीब 10 बजे विधायक की गैरहाजिरी में उनके भाई आशीष विज को मांग पत्र सौंपा। विज ने कहा कि वह उनकी बात सरकार के सामने रखेंगे। इसके बाद टीचरों ने धरना उठा लिया।
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वेतन 15 हजार, किश्त 16 हजार, कैसे चलेगा गुजारा
वेतन में कटौती को लेकर शहर के एक अध्यापक की डॉ. नवजोत कौर सिद्धू से फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किया गया है। इसमें अध्यापक ने कहा कि उसका वेतन 15 हजार कर दिया है, वह भी कच्चे मुलाजिम के तौर पर। जबकि उसने अपना घर बनाने के लिए 16 लाख का बैंक कर्ज लिया था जिसकी किश्त ही 16 हजार रुपये है। ऐसे में वह गुजारा कैसे करेगा। जवाब में डॉ. सिद्धू ने कहा कि वह चंडीगढ़ जा रही हैं, मंत्री सिद्धू से इस मामले पर बात करेंगी।
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वेतन में कटौती से नाराज अध्यापकों ने निकाला कैंडल मार्च
एसएसए, रमसा अध्यापकों को रेगुलर करने के लिए वेतन में 65 प्रतिशत कटौती की शर्त रखने से नाराज अध्यापकों ने वीरवार देर रात पटेल चौक में धरना दिया। पटेल चौक से कैंडल मार्च निकाल कैप्टन सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते अध्यापकों ने विधायक की कोठी का घेराव भी किया। जिलाध्यक्ष राजन गुप्ता के नेतृत्व में रोष जता रहे अध्यापकों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनके मौजूदा वेतन पर ही उनकी सेवाएं रेगुलर न की तो वह भी किसानों की तरह आत्मदाह करने पर मजबूर हो जाएंगे। राजन ने कहा कि 10 वर्षों से काम कर रहे अध्यापकों ने पहले ही बहुत संघर्ष किया था, जिसकी बदौलत पिछली सरकार ने एक्ट बनाया था।
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अब कांग्रेस सरकार ने नया प्रस्ताव लाकर अध्यापकों के साथ भद्दा मजाक किया है। कैबिनेट इस 15 हजार रुपये पर रेगुलर करने के फैसले को वापस ले और अध्यापकों को उनके वेतन पर रेगुलर करें। अध्यापकों ने कैप्टन सरकार, शिक्षामंत्री ओपी सोनी के खिलाफ नारे भी लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस न लिया तो वह हर चुनाव का बायकाट करेंगे। सात अक्तूबर को पटियाला में कैप्टन अमरिंदर के शहर में पक्का धरना लगा देंगे। टीचरों ने रात करीब 10 बजे विधायक की गैरहाजिरी में उनके भाई आशीष विज को मांग पत्र सौंपा। विज ने कहा कि वह उनकी बात सरकार के सामने रखेंगे। इसके बाद टीचरों ने धरना उठा लिया।