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Chandigarh News: भूमि मामलों में सरकार सख्त, निशाने पर अधिकारी
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भूमि से जुड़े दो मामलों में चार आईएएस की भूमिका संदिग्ध
मुख्य सचिव ने पंचकूला जमीन के मामले को सीएमओ से करवाया अवगत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पहले हरियाणा कैबिनेट के फर्जी पत्र से जमीन हथियाने और फिर पंचकूला में सरकारी जमीन का इंतकाल कराने का मामला सामने आने के बाद हरियाणा सरकार सख्त हो गई है। मुख्य सचिव व वित्तायुक्त टीवीएसएन प्रसाद ने पंचकूला जमीन धोखाधड़ी के मामले में खुफिया विभाग से रिपोर्ट मंगवाने के साथ इस मामले को सीएमओ से अवगत करा दिया है। दोनों ही मामलों में चार आईएएस सरकार के निशाने पर आ गए हैं। बहुत जल्द ही इन आईएएस पर गाज गिर सकती है। बताया जा रहा है कि दोनों मामलों के उजागर होने के बाद सरकार की साख पर भी सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे में सरकार सबसे पहले अधिकारियों पर ही शिकंजा कसने जा रही है। मुख्य सचिव ने उपायुक्तों के साथ हुई एक बैठक में कहा कि राज्य के 95 फीसदी आईएएस ईमानदार हैं। सिर्फ पांच फीसदी अधिकारियों की वजह से ही सरकार की साख खराब होती है। भूमि खरीद व गड़बड़ियों के मामलों में जो भी आईएएस जुड़े हैं, उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। दोनों ही मामलों की सरकार अपने स्तर पर जांच करवा रही है। कार्रवाई के दौरान इन अधिकारियों के सपोर्ट में यदि आईएएस यूनियन भी आई तो उनकी भी नहीं सुनी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल के फर्जी पत्र के आधार पर गुरुग्राम के पॉश इलाके की एक जमीन को हथियाने की साजिश रची गई थी। सरकार की ओर से इस मामले में पंचकूला के सेक्टर पांच थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था। मगर बाद में उन्हें छोड़ दिया गया है। इस मामले में दो आईएएस की भूमिका संदिग्ध है। उनकी जांच चल रही है। वहीं, पंचकूला मामले में भी एक दो आईएएस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पंचकूला के बीड़ फिरोजड़ी में सरकार की सरप्लस जमीन की रजिस्ट्री कराने की कोशिश मामला सामने आया था। इस मामले में सरप्लस जमीन का इंतकाल कराने के बाद उसकी रजिस्ट्री करवाने की कार्रवाई की जा रही थी। इस मामले में पंचकूला उपायुक्त ने वित्तायुक्त से मागदर्शन मांगा तो उन्होंने इस मामले में जुटाए इनपुट के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पर रोक लगा दी। इस जमीन के इंतकाल का आदेश अंबाला मंडलायुक्त की ओर से दिया गया था।
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मुख्य सचिव ने पंचकूला जमीन के मामले को सीएमओ से करवाया अवगत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पहले हरियाणा कैबिनेट के फर्जी पत्र से जमीन हथियाने और फिर पंचकूला में सरकारी जमीन का इंतकाल कराने का मामला सामने आने के बाद हरियाणा सरकार सख्त हो गई है। मुख्य सचिव व वित्तायुक्त टीवीएसएन प्रसाद ने पंचकूला जमीन धोखाधड़ी के मामले में खुफिया विभाग से रिपोर्ट मंगवाने के साथ इस मामले को सीएमओ से अवगत करा दिया है। दोनों ही मामलों में चार आईएएस सरकार के निशाने पर आ गए हैं। बहुत जल्द ही इन आईएएस पर गाज गिर सकती है। बताया जा रहा है कि दोनों मामलों के उजागर होने के बाद सरकार की साख पर भी सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे में सरकार सबसे पहले अधिकारियों पर ही शिकंजा कसने जा रही है। मुख्य सचिव ने उपायुक्तों के साथ हुई एक बैठक में कहा कि राज्य के 95 फीसदी आईएएस ईमानदार हैं। सिर्फ पांच फीसदी अधिकारियों की वजह से ही सरकार की साख खराब होती है। भूमि खरीद व गड़बड़ियों के मामलों में जो भी आईएएस जुड़े हैं, उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। दोनों ही मामलों की सरकार अपने स्तर पर जांच करवा रही है। कार्रवाई के दौरान इन अधिकारियों के सपोर्ट में यदि आईएएस यूनियन भी आई तो उनकी भी नहीं सुनी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल के फर्जी पत्र के आधार पर गुरुग्राम के पॉश इलाके की एक जमीन को हथियाने की साजिश रची गई थी। सरकार की ओर से इस मामले में पंचकूला के सेक्टर पांच थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था। मगर बाद में उन्हें छोड़ दिया गया है। इस मामले में दो आईएएस की भूमिका संदिग्ध है। उनकी जांच चल रही है। वहीं, पंचकूला मामले में भी एक दो आईएएस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पंचकूला के बीड़ फिरोजड़ी में सरकार की सरप्लस जमीन की रजिस्ट्री कराने की कोशिश मामला सामने आया था। इस मामले में सरप्लस जमीन का इंतकाल कराने के बाद उसकी रजिस्ट्री करवाने की कार्रवाई की जा रही थी। इस मामले में पंचकूला उपायुक्त ने वित्तायुक्त से मागदर्शन मांगा तो उन्होंने इस मामले में जुटाए इनपुट के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पर रोक लगा दी। इस जमीन के इंतकाल का आदेश अंबाला मंडलायुक्त की ओर से दिया गया था।