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शोध से देशभर में कमाया नाम, पर्यावरण के लिए भी कर रहीं काम
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चंडीगढ़। सेक्टर-12 स्थित पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के अप्लाइड साइंसेज की प्रोफेसर डॉ. वसुंधरा सिंह ने अपने शोध के जरिए देशभर में चंडीगढ़ का नाम रोशन किया है। कैंसर को ठीक करने के लिए बनाई उनकी दवा का ट्रायल अंतिम चरण में है। वहीं, बैक्टीरिया को संक्रमण को खत्म करने के लिए भी वह दवा बना रही हैं, इसका भी काम अंतिम चरण में है। इन दोनों प्रोजेक्ट में उनका साथ डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसडी) दे रही हैं। इसके अलावा वह पर्यावरण को बचाने का भी काम कर रहीं हैं।
डॉ. वसुंधरा ने बताया कि दोनों दवाएं मरीजों के लिए काफी लाभदायक होंगी। पंजाब में तेजी बढ़ते कैंसर के मरीजों को देखते हुए इस तरह के शोध करना जरूरी है ताकि बेहतर दवा लाकर कैंसर को रोका जा सके। डॉ. वसुंधरा का मानना है कि किसी काम को लक्ष्य तक लेकर जाना है तो युुवाओं को अपने साथ जोड़ लो, इसलिए वह अपने साथ युवाओं को भी लगातार जोड़ती रहती हैं। उनके निर्देशन में 17 शोधार्थी विज्ञान के क्षेत्र में अपनी पीएचडी पूरी कर चुके हैं।
ग्रीन केमिकल टेक्नोलॉजी पर भी किया काम
जिस तरह एक महिला घर को स्वच्छ रखने का काम करती है, वैसे ही पर्यावरण को स्वच्छ व साफ रखने का काम भी एक महिला ही बेहतर तरीके से कर सकती है। फ्रेंच सरकार के साथ मिलकर डॉ. वसुंधरा ग्रीन केमिकल टेक्नोलॉजी के जरिए पर्यावरण को बचाने का काम कर रहीं हैं। उनका प्रयास है कि शोध को पर्यावरण और प्रकृति के बचाव के लिए इस्तेमाल किया जा सके। इससे हम सतत विकास के लक्ष्य को पूरा कर सकें। इसके साथ ही प्रदूषित जल को संशोधित करने और बायोवेस्ट पर भी काम किया है। उन्होंने विश्व स्तर पर सामाजिक सुधार के लिए मेडिकल क्षेत्र के साथ, पर्यावरण और ग्रीन केमिकल टेक्नोलॉजी पर काम किया है।
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डॉ. वसुंधरा ने बताया कि दोनों दवाएं मरीजों के लिए काफी लाभदायक होंगी। पंजाब में तेजी बढ़ते कैंसर के मरीजों को देखते हुए इस तरह के शोध करना जरूरी है ताकि बेहतर दवा लाकर कैंसर को रोका जा सके। डॉ. वसुंधरा का मानना है कि किसी काम को लक्ष्य तक लेकर जाना है तो युुवाओं को अपने साथ जोड़ लो, इसलिए वह अपने साथ युवाओं को भी लगातार जोड़ती रहती हैं। उनके निर्देशन में 17 शोधार्थी विज्ञान के क्षेत्र में अपनी पीएचडी पूरी कर चुके हैं।
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ग्रीन केमिकल टेक्नोलॉजी पर भी किया काम
जिस तरह एक महिला घर को स्वच्छ रखने का काम करती है, वैसे ही पर्यावरण को स्वच्छ व साफ रखने का काम भी एक महिला ही बेहतर तरीके से कर सकती है। फ्रेंच सरकार के साथ मिलकर डॉ. वसुंधरा ग्रीन केमिकल टेक्नोलॉजी के जरिए पर्यावरण को बचाने का काम कर रहीं हैं। उनका प्रयास है कि शोध को पर्यावरण और प्रकृति के बचाव के लिए इस्तेमाल किया जा सके। इससे हम सतत विकास के लक्ष्य को पूरा कर सकें। इसके साथ ही प्रदूषित जल को संशोधित करने और बायोवेस्ट पर भी काम किया है। उन्होंने विश्व स्तर पर सामाजिक सुधार के लिए मेडिकल क्षेत्र के साथ, पर्यावरण और ग्रीन केमिकल टेक्नोलॉजी पर काम किया है।
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