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Chandigarh News: अदालत में काम शाम पांच बजे तक, डिस्पेंसरी में डॉक्टर दो बजे ही गायब

Sat, 31 Oct 2026 01:52 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:52 AM IST
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Work in court continues until 5 PM, but the doctor at the dispensary disappears as early as 2 PM.
वकीलों ने उठाए सवाल, बार एसोसिएशन से अतिरिक्त डॉक्टर तैनात करने की मांग
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रोजाना तीन हजार वकील, मुवक्किल और अन्य लोग पहुंचते हैं जिला अदालत; तबीयत बिगड़ने पर सेक्टर-16 या 32 अस्पताल जाना पड़ता है
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। जिला अदालत में कामकाज शाम पांच बजे तक चलता है, लेकिन परिसर की डिस्पेंसरी में डॉक्टर के दोपहर दो बजे ही चले जाने का आरोप है। इससे शाम के समय किसी की तबीयत बिगड़ने पर इलाज और दवा के लिए परेशानी होती है। वकीलों ने डिस्पेंसरी के समय पर खुलने और निर्धारित समय तक डॉक्टर के मौजूद रहने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बार एसोसिएशन से अतिरिक्त डॉक्टर की तैनाती कराने की मांग की है।
डिस्पेंसरी के बाहर लगे बोर्ड पर खुलने का समय सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक लिखा है। वकीलों का आरोप है कि डॉक्टर पूनम रोजाना सुबह करीब 11 बजे आती हैं और डेढ़ से दो बजे के बीच डिस्पेंसरी बंद कर चली जाती हैं। महिला वकील नवनीत लोचन ने कहा कि जिला अदालत में रोजाना करीब तीन हजार वकील, मुवक्किल और अन्य लोग आते हैं। सुनवाई और बहस के चलते कई बार शाम तक रुकना पड़ता है। ऐसे में अचानक तबीयत बिगड़ने पर डिस्पेंसरी बंद मिलने से तत्काल मदद नहीं मिलती। छोटी-मोटी परेशानी में भी सेक्टर-16 या सेक्टर-32 अस्पताल जाना पड़ता है। वकीलों का कहना है कि परिसर में डिस्पेंसरी का उद्देश्य जरूरत के समय प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने मांग की कि अदालत और डिस्पेंसरी के समय में तालमेल हो तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जनरल फिजिशियन की तैनाती की जाए।
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अदालतें पांच बजे तक चलती हैं तो डॉक्टर भी रुकें
जब अदालतें शाम पांच बजे तक चलती हैं तो डॉक्टर को भी रुकना चाहिए। ओवरटाइम की जरूरत हो तो अतिरिक्त डॉक्टर की व्यवस्था की जाए। डॉक्टर अपनी निर्धारित ड्यूटी भी पूरी नहीं कर रही हैं और समय से पहले चली जाती हैं। -शिवमूर्ति यादव, वकील, जिला अदालत
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पूरे दिन किसी की भी तबीयत बिगड़ सकती है
अदालत में पूरे दिन रहने के दौरान किसी की भी तबीयत खराब हो सकती है। डिस्पेंसरी का समय सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक है, लेकिन डॉक्टर दो बजे से पहले ही चली जाती हैं। -एनके कपिल, वकील, जिला अदालत
अतिरिक्त जनरल फिजिशियन की हो तैनाती
पहले डॉक्टर निर्धारित समय तक बैठते थे। अगर एक डॉक्टर से काम नहीं संभल रहा तो अतिरिक्त जनरल फिजिशियन की तैनाती होनी चाहिए, ताकि शाम के समय भी प्राथमिक उपचार मिल सके। -शिवानी, वकील, जिला अदालत
बार एसोसिएशन अधिकारियों के सामने उठाए मुद्दा
बार एसोसिएशन को संबंधित अधिकारियों से बात कर स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर कराने की पहल करनी चाहिए। छोटी परेशानी में भी बाहर इलाज कराने जाना पड़े तो परिसर की डिस्पेंसरी का फायदा क्या है? -एचसी कौशल, वकील, जिला अदालत

निर्धारित समय तक बैठना होगा, जांच कराऊंगा
डिस्पेंसरी में डॉक्टर के निर्धारित समय तक नहीं बैठने की जानकारी नहीं थी। मैं इसकी जांच कराऊंगा। डॉक्टर को तय समय तक डिस्पेंसरी में बैठना होगा। ऐसा नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। -एएस गुजराल, प्रधान, जिला बार एसोसिएशन चंडीगढ़
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