लाखों लोगों के लिए रजिस्ट्री से जुड़ी बनी गुड न्यूज
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नगर निकाय चुनाव से पहले पंजाब सरकार ने संपत्ति रजिस्ट्रेशन के वक्त एनओसी की शर्त को हटाने का फैसला लेकर प्रदेश के लोगों को बड़ी राहत दी है।
अब नए फैसले के मुताबिक, अवैध कॉलोनियों और व्यापारिक स्थानों में प्लॉट की रजिस्ट्रेशन के समय आवास एवं शहरी विकास विभाग या नगर निकाय से एनओसी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें अपनी संपत्ति की सेल डीड पंजीकृत करवाने के लिए केवल एक स्वघोषणा देनी होगी कि उन्होंने संबंधित जायदाद नियमित करवाने के लिए आवश्यक फीस जमा करवा दी है।
सरकार ने इस नई व्यवस्था से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। यह फैसला उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और उच्चाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। बता दें कि हाल ही में ई-ट्रिप की समाप्ति का फैसला लेकर सरकार ने व्यापारियों को बड़ी राहत दी थी।
एनओसी लेने में होती थी परेशानी
अभी तक चल रही व्यवस्था के तहत यदि किसी को अवैध कॉलोनी में संपत्ति बेचनी होती थी, तो उसे पूडा या संबंधित नगर निकाय/सक्षम प्राधिकरण (अथॉरिटी) के पास एनओसी लेने जाना पड़ता था। यह प्रक्रिया लोगों के लिए काफी परेशानी वाली थी।
नियमित करने की प्रक्रिया जारी
पंजाब में अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया पहले ही चल रही है। इनके शीघ्र नियमित होने की संभावना के मद्देनजर भी लोगों को राहत प्रदान की गई है।
ताकि न बने अवैध कॉलोनी
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, भविष्य में अवैध कॉलोनियां अस्तित्व में न आने देने के लिए सरकार ने फैसला किया है कि 0.25 एकड़ से कम स्थान की बिक्री, तबादले या भूमि के प्रयोग संबंधी रजिस्ट्रेशन के वक्त इमारत के नक्शे या इसकी स्वीकृति का जिक्र करना होगा। सभी सब-रजिस्ट्रारों को रजिस्ट्रेशनों संबंधी साप्ताहिक रिपोर्ट जिले के उपायुक्त एवं आवास निर्माण विभाग को सौंपने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।