{"_id":"3964a6136ea72dc7ce4a341067e2cc36","slug":"good-news-for-contract-employes","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएसए के अनुबंध कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएसए के अनुबंध कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 15 Feb 2014 03:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार ने राज्य में सर्वशिक्षा अभियान से जुड़े अनुबंध पर लगे कर्मचारियों को नियमित वेतनमान देने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री अपने निवास पर नियमित वेतनमान देने के निर्णय पर उनका धन्यवाद व्यक्त करने आए सर्वशिक्षा अभियान कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर सर्वशिक्षा अभियान के निदेशक पंकज अग्रवाल भी उनके साथ थे।
हुड्डा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सर्वशिक्षा अभियान से जुड़े अनुबंध आधार के कर्मचारियों की सेवाओं को मान्यता दी है, क्याेंकि ये पिछले 19 वर्षों से अपनी सेवा दे रहे थे। ऐसे कर्मचारियों के कल्याण के लिए अनेक नीतियां बनाई गई हैं।
विज्ञापन
समारोह में उपस्थित शिक्षामंत्री गीता भुक्कल ने राज्य सरकार के इस निर्णय के संबंध में बताया कि इस अभियान के तहत पांच साल से जुड़े कर्मचारियों को पांच प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि भी दी जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नियमित वेतनमान 10 साल की सेवा वाले कर्मचारियों को दिया जाएगा। कर्मचारियों को 500 रुपये मासिक शिक्षा भत्ता या ईएसआई की सुविधा और ईपीएफ की सुविधाएं भी दी गई हैं। महिला कर्मचारियों को छह माह का मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाएगा। जिसमें तीन महीने वैतनिक तथा तीन महीने अवैतनिक अवकाश शामिल है।
भुक्कल ने बताया कि अभियान के तहत अब तक 953 प्राथमिक और 1714 उच्च प्राथमिक विद्यालय खोले गए हैं। इनमें 7094 प्राथमिक शिक्षक तथा 9114 उच्च प्राथमिक शिक्षकों की निुयुक्ति की गई है।
सर्वशिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2005-06 से वर्ष 2013-14 तक 3443.95 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि धन की कमी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से दूर न रह पाए इसके लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है।