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Chandigarh News: जीएमसीएच 32 की ओपीडी का टोकन सिस्टम ध्वस्त, मरीज परेशान
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चंडीगढ़। जीएमसीएच 32 की ओपीडी में टोकन नंबर को लेकर आए दिन मरीजों में बहस हो रही है। कारण, पंजीकरण काउंटर के ऊपर लगाए गए टोकन नंबर वाले डिस्प्ले बोर्ड का गड़बड़ होना है। उस बोर्ड पर क्रम की बजाय रैंडम तरीके से नंबर प्रदर्शित हो रहे हैं। ऐसे में पहले आए मरीज का नंबर बाद में और बाद में आए मरीज का नंबर पहले प्रदर्शित होना विवाद का कारण बन रहा है लेकिन अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी ही नहीं है। ओपीडी पंजीकरण काउंटर के कर्मचारियों ने बताया कि मरीजों की सहूलियत के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। इसके लिए काउंटर नंबर एक से 9 तक डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। इस पर मरीजों को अलॉट किया गया नंबर प्रदर्शित होता है लेकिन पिछले कुछ समय से बोर्ड में कुछ खराबी आ गई है। इसले नंबर क्रम की बजाय अव्यवस्थित रूप से प्रदर्शित होते हैं जिससे मरीज हो हल्ला मचाते हैं।बॉक्स
सुरक्षाकर्मियों को करनी पड़ती है मशक्कत
अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से 700 मरीज आते हैं। उन मरीजों की भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित करने के उद्देश्य से टोकन सिस्टम लागू किया गया है। पंजीकरण के बाद मरीज के कार्ड पर उसका टोकन नंबर चस्पा दिया जाता है। इसके बाद वह वहां बैठकर डिस्प्ले बोर्ड पर अपना नंबर आने का इंतजार करता है लेकिन बोर्ड की गड़बड़ी के कारण व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। ऐसे में मरीजों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ रही है।
कोट- इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर ओपीडी में लगाए गए डिस्प्ले खराब हैं तो उसे तत्काल ठीक करवाया जाएगा ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32
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सुरक्षाकर्मियों को करनी पड़ती है मशक्कत
अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से 700 मरीज आते हैं। उन मरीजों की भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित करने के उद्देश्य से टोकन सिस्टम लागू किया गया है। पंजीकरण के बाद मरीज के कार्ड पर उसका टोकन नंबर चस्पा दिया जाता है। इसके बाद वह वहां बैठकर डिस्प्ले बोर्ड पर अपना नंबर आने का इंतजार करता है लेकिन बोर्ड की गड़बड़ी के कारण व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। ऐसे में मरीजों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ रही है।
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कोट- इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर ओपीडी में लगाए गए डिस्प्ले खराब हैं तो उसे तत्काल ठीक करवाया जाएगा ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32