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संक्रमण के खतरे को देखते हुए जीएमएसएच-16 सभागार में स्थानांतरित करेगा टीकाकरण केंद्र
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चंडीगढ़। कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत लाभार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। शुरुआत सेक्टर- 45 के टीकाकरण केंद्र को उसी सेक्टर के सरकारी स्कूल में स्थानांतरित कर हो चुकी है। अगले चरण में जीएमएसएच- 16 के केंद्र को बदला जाएगा।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में पांचवें व तीसरे तल पर बनाए गए टीकाकरण केंद्र को सभागार में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि लाभार्थियों को ओपीडी में मरीजों के संपर्क में होते हुए केंद्र पर आने की नौबत न आए। वे सीधे सभागार में पहुंचे जहां पर उन्हें टीका लगाकर ऑब्जरवेशन के बाद घर भेज दिया जाए। ऐसा करने से वे संक्रमण के संपर्क में आने से बचेंगे। वहीं सभागार काफी बड़ा होने पर वहां एक साथ कई लाभार्थियों का टीकाकरण भी किया जा सकेगा।
डॉ. कंग का कहना है कि अस्पताल में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा होता है, क्योंकि वहां विभिन्न क्षेत्रों से मरीज व कर्मचारी आते हैं। ऐसे में किसके माध्यम से कौन संक्रमित हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। मौजूदा समय में जिस रफ्तार से संक्रमण बढ़ रहा है उसे ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर बचाव की व्यवस्था की जा रही है।
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स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में पांचवें व तीसरे तल पर बनाए गए टीकाकरण केंद्र को सभागार में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि लाभार्थियों को ओपीडी में मरीजों के संपर्क में होते हुए केंद्र पर आने की नौबत न आए। वे सीधे सभागार में पहुंचे जहां पर उन्हें टीका लगाकर ऑब्जरवेशन के बाद घर भेज दिया जाए। ऐसा करने से वे संक्रमण के संपर्क में आने से बचेंगे। वहीं सभागार काफी बड़ा होने पर वहां एक साथ कई लाभार्थियों का टीकाकरण भी किया जा सकेगा।
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डॉ. कंग का कहना है कि अस्पताल में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा होता है, क्योंकि वहां विभिन्न क्षेत्रों से मरीज व कर्मचारी आते हैं। ऐसे में किसके माध्यम से कौन संक्रमित हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। मौजूदा समय में जिस रफ्तार से संक्रमण बढ़ रहा है उसे ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर बचाव की व्यवस्था की जा रही है।
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