Haryana Assembly Elections: 3 लालों के 12 लाल अब चुनाव मैदान में ठोक रहे ताल, विरासत के सहारे तीसरी-तौथी पीढ़ी
अब इन तीनों लालों की तीसरी और चौथी पीढ़ी उनकी राजनीितक विरासत को आगे बढ़ा रही है। इस बार के विधानसभा चुनाव में इन तीनों के कुनबे से 12 प्रत्याशी मैदान में हैं।
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हरियाणा की राजनीतिक दास्तां यहां के तीन मशहूर लालों के बिना अधूरी है। प्रदेेश की राजनीति में चाैधरी देवीलाल, बंसीलाल और भजनलाल का खास योगदान और स्थान है। अब इन तीनों लालों की तीसरी और चौथी पीढ़ी उनकी राजनीितक विरासत को आगे बढ़ा रही है। इस बार के विधानसभा चुनाव में इन तीनों के कुनबे से 12 प्रत्याशी मैदान में हैं।
एक नवंबर, 1966 को हरियाणा का गठन होने के बाद से पांच दशक तक इन तीनों लालों का प्रदेश की राजनीति में खासा दबदबा रहा है। यही नहीं, 1989 में केंद्र में वीपी सिंह की सरकार में चौधरी देवीलाल उप प्रधानमंत्री बने। बंसीलाल व भजनलाल भी केंद्र की इंदिरा गांधी सरकार के प्रमुख मंत्रियों में रहे थे। इन तीनों ही नेताओं ने कई बार हरियाणा के मुख्यमंत्री की कुर्सी भी संभाली।
हरियाणा के सबसे बड़े सियासी घराने ताऊ देवीलाल के परिवार के सात सदस्य इस बार विधानसभा चुनाव में उतरे हैं। खास बात यह है कि देवीलाल कुनबे की तीन पीढि़यों के ये सदस्य दो जिलों की चार सीटों पर आपस में ही एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं। देवीलाल के बेटे रणजीत सिंह चौटाला भाजपा से टिकट न मिलने पर सिरसा जिले की रानियां सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ देवीलाल के पड़पोते और रणजीत के भाई ओपी चौटाला के पौत्र अर्जुन चौटाला इनेलो के टिकट से अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इसी प्रकार देवीलाल के पौत्र व ओपी चौटाला के पुत्र अभय चौटाला अपनी परंपरागत सीट सिरसा जिले के एलनाबाद से चुनाव मैदान में हैं। साथ ही इनके जींद की उचाना सीट से जजपा प्रत्याशी व भतीजे दुष्यंत चौटाला के खिलाफ चुनाव लड़ने की भी चर्चा है।
देवीलाल का पैतृक गांव चौटाला सिरसा जिले के डबवाली विधानसभा क्षेत्र में है। डबवाली से परिवार के तीन प्रत्याशी इनेलो, कांग्रेस और जजपा के टिकट पर लड़ रहे हैं। अभय चौटाला के चचेरे भाई व 2019 में चुनाव जीते अमित सिहाग फिर कांग्रेस से मैदान हैं। उनके खिलाफ इनेलो से आदित्य देवीलाल चौटाला (देवीलाल के छोटे बेटे जगदीश के पुत्र) व जजपा से दिग्विजय चौटाला (देवीलाल के बड़े बेटे ओपी चौटाला के पौत्र) चुनाव लड़ रहे हैं।
इसी तरह भिवानी जिले की तोशाम सीट बंसीलाल के वारिसों का राजनीतिक अखाड़ा बन गई है। तोशाम बंसीलाल की परंपरागत सीट रही है। यहां से उनकी छोटी पुत्रवधू किरण चौधरी चुनाव लड़ती रही हैं। इस बार यहां से बंसीलाल के दोनों बेटों की संताने भाजपा और कांग्रेस के टिकट पर आमने-सामने हैं। भाजपा ने बंसीलाल के छोटे बेटे सुरेंद्र सिंह की बेटी श्रुति चौधरी, जबकि कांग्रेस ने बड़े बेटे रणबीर महेंद्रा के पुत्र अनिरुद्ध चौधरी को मैदान में उतारा है। श्रुति व अनिरुद्ध चचेरे भाई-बहन हैं। माना जा रहा कि तोशाम में जो जीतेगा वह बंसीलाल का राजनीतिक उत्तराधिकारी होगा।
तीसरे लाल भजनलाल के दो बेटे कुलदीप व चंद्रमोहन भाजपा और कांग्रेस से राजनीति कर रहे हैं। भजनलाल के गढ़ रहे आदमपुर से भाजपा ने पूर्व सांसद व पूर्व विधायक कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई को दोबारा टिकट दिया है। भजनलाल के छोटे बेटे और भूपेंद्र हुड्डा सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे चंद्रमोहन पंचकूला से कांग्रेस के टिकट के दावेदार हैं। इसके अलावा भजनलाल के छोटे भाई के बेटे दूड़ाराम भाजपा के टिकट पर फतेहाबाद सीट से चुनाव मैदान में हैं।
किस कुनबे से कौन
- देवीलाल : रणजीत चौटाला, अर्जुन चौटाला, अभय चौटाला, दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला, आदित्य चौटाला और अमित सिहाग
- बंसीलाल : श्रुति चौधरी व अनिरुद्ध
- भजनलाल : भव्य बिश्नोई, चंद्रमोहन बिश्नोई और दूड़ाराम बिश्नोई
देवीलाल, बंसीलाल व भजनलाल का प्रभाव पूरे हरियाणा में था, पर अब इनके उत्तराधिकारियों का प्रभाव अपने गढ़ तक ही सीमित रह गया है। इस वजह से इनके सामने राजनीतिक वजूद बचाने का संकट है, जिसके लिए ये एक -दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं।
-प्रो. राजेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, राजनीतिक विभाग, एमडीयू, रोहतक