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पंजाब: काबुल बम धमाके में जान गंवाने वाले दो लोगों का लुधियाना में अंतिम संस्कार
Wed, 01 Apr 2020 09:26 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 01 Apr 2020 09:26 AM IST
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लुधियाना में हुआ अंतिम संस्कार।
- फोटो : अमर उजाला
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25 मार्च को काबुल के गुरुद्वारा साहिब में हुए बम धमाके में लुधियाना निवासी दो युवकों की मौत हो गई थी। सोमवार देर रात को उनके शव लुधियाना पहुंचे। मंगलवार सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया। मौके पर विधायक राकेश पांडे समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने श्मशान घाट पर पुख्ता प्रबंध किए थे। परिवार के भी सिर्फ पांच सदस्यों को अंतिम संस्कार की रस्में अदा करने के लिए आगे भेजा गया। वहीं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लगभग दो मीटर दूरी से ही श्रद्धांजलि दी।
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गौरतलब है कि 25 मार्च को काबुल स्थित गुरुद्वारा साहिब में आंतकियों ने हमला किया था। इस हमले में लुधियाना के छावनी मोहल्ला निवासी शंकर सिंह (42), काराबारा निवासी जीवन सिंह (48) की मौत हो गई थी। न्यू कुंदनपुरी निवासी मान सिंह इस हमले में घायल हो गया था। इन तीनों का जन्म भी काबुल में हुआ था।
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अफगानिस्तान में तालिबानी हमले के बाद उनका परिवार लुधियाना में आकर रहने लगा था। यहां पर कारोबार नहीं चलने के कारण कुछ साल पहले 12 लोग दोबारा काबुल चले गए थे। हर साल यह अपने परिवार से मिलने के लिए लुधियाना आते थे। एक या दो माह रुकने के बाद दोबारा काबुल चले जाते थे। काबुल स्थित गुरुद्वारा साहिब की धर्मशाला में ही रहते थे।
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डेढ़ साल पहले काबुल गया था शंकर
आतंकी हमले में जान गंवाने वाले शंकर सिंह लगभग डेढ़ साल पहले अपनी पत्नी कीमती कौर के साथ काबुल गए थे। उनके तीन बेटे और बेटियां लुधियाना में अपनी नानी नगीन कौर के पास रहती है। एक माह पहले कीमती कौर अपने बच्चों से मिलकर दोबारा काबुल गई थी। इसी तरह काराबारा निवासी जीवन सिंह के परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। लुधियाना आकर जीवन सिंह ऑटो रिक्शा चलाना शुरू किया। काम नहीं चलने पर दोबारा काबुल चले गए। उनका परिवार यहीं किराये के घर में रहता है।