मां-बेटियों की सजी चिता, वजह बना पिता, रोया पूरा गांव
भाखड़ा नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या करने वाली महिला व उसकी दो बेटियों को अंतिम विदाई दी गई। इससे पहले डबवाली के गांव खुईयां मलकाना के पास भाखड़ा नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या करने वाली महिला व उसकी दो बेटियों के शव वीरवार को बाद दोपहर करीब 4 बजे जैसे ही गांव सप्पांवाली में पहुंचे तो पूरा गांव बिलख पड़ा।
मृतकों के परिजनों का करुण क्रंदन लोगों का सीना चीर रहा था। इसके बाद बेहद गमगीन माहौल में मृतका सहित उसकी दोनों बेटियों को अंतिम विदाई दी गई।
तीनों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मृतका के ससुराल गांव भावदीन से भी कई लोग गांव सप्पांवाली में पहुंचे।
पति से तंग आकर की थी बेटियों संग खुदकुशी
शाम को जैसे ही तीनों के शवों को श्मशान भूमि की ओर ले जाया जाने लगा तो उनके बिमला के परिजनों का करुण रुदन लोगों का सीना चीर रहा था।
गांव की शिवपुरी में दो नाबालिग बेटियों को रीति रिवाज से दफनाया गया जबकि बिमला देवी को मुखागिभन दी गई। गांव सप्पांवाली सहित आसपास के गांवों के लोगों ने भी बिमला की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें सजल नेत्रों से अंतिम विदाई दी।
मूलरूप से गांव सप्पांवाली निवासी तोताराम माली की बेटी बिमला देवी गांव भावदीन में विवाहित थी और अपने पति राजिंद्र कुमार से अनबन से तंग आकर उसने मंगलवार सुबह भाखड़ा नहर में अपनी दोनों बेटियों से कूद कर आत्महत्या कर ली थी।
कल वीरवार को तीनों के शव बरामद हो गए। जिन्हें बाद दोपहर डबवाली से अबोहर के गांव सप्पांवाली लाया गया।