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12000 करोड़ का घपला दबाने की कोशिश कर रहे हैं बादल: कैप्टन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sat, 25 Jun 2016 06:32 PM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
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प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आरोप लगाया है कि सीएम प्रकाश सिंह बादल 12 हजार करोड़ रुपये के घोटाले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
उनके पास एसवाईएल के लिए कांग्रेस पर आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है, जिन्होंने एसवाईएल के निर्माण को देवीलाल से दो करोड़ रुपये लिए थे।
कैप्टन ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है, जब बादल ने खरीद के लिए उपलब्ध फंड का दुरुपयोग किया। 1997-2002 में भी उन्होंने 4700 करोड़ केफंड में अनियमिततता की थी। जब 2002 में कांग्रेस की सरकार आई तो कैश क्रेडिट लिमिट में 4700 करोड़ रुपये का घाटा मिला।
उन्हें तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को व्यक्तिगत तौर पर गारंटी देनी पड़ी कि वह सीसीएल रिलीज से पहले इस घाटे को क्लियर करेंगे। 2007 में घाटा जीरो पर पहुंच गया था। अब नई सरकार को एक बार फिर से बारह हजार करोड़ का घाटा विरासत में मिलेगा।
कैप्टन ने कहा कि 2004 में कांग्रेस ने ही कानून बना कर पानी वितरण समझौतों को रद किया था, जिससे पंजाब का कीमती पानी बच गया था, लेकिन बादल ने विधानसभा में पास प्रस्ताव को राज्यपाल तक पहुंचाने में जानबूझ कर देरी की।
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उनके पास एसवाईएल के लिए कांग्रेस पर आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है, जिन्होंने एसवाईएल के निर्माण को देवीलाल से दो करोड़ रुपये लिए थे।
कैप्टन ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है, जब बादल ने खरीद के लिए उपलब्ध फंड का दुरुपयोग किया। 1997-2002 में भी उन्होंने 4700 करोड़ केफंड में अनियमिततता की थी। जब 2002 में कांग्रेस की सरकार आई तो कैश क्रेडिट लिमिट में 4700 करोड़ रुपये का घाटा मिला।
उन्हें तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को व्यक्तिगत तौर पर गारंटी देनी पड़ी कि वह सीसीएल रिलीज से पहले इस घाटे को क्लियर करेंगे। 2007 में घाटा जीरो पर पहुंच गया था। अब नई सरकार को एक बार फिर से बारह हजार करोड़ का घाटा विरासत में मिलेगा।
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कैप्टन ने कहा कि 2004 में कांग्रेस ने ही कानून बना कर पानी वितरण समझौतों को रद किया था, जिससे पंजाब का कीमती पानी बच गया था, लेकिन बादल ने विधानसभा में पास प्रस्ताव को राज्यपाल तक पहुंचाने में जानबूझ कर देरी की।
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