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सबूत के अभाव में दहेज हत्या के चार आरोपी बरी

Thu, 14 Aug 2014 10:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ यमुना नगर
अमर उजाला ब्यूरो/ यमुना नगर Updated Thu, 14 Aug 2014 10:04 AM IST
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Four dowry murder accused acquitted for lack of evidence

नवविवाहिता की हत्या (दहेज हत्या) के आरोपी पति,सास-ससुर और ननद को अदालत ने सबूतोें के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट में करीब एक साल तक चली सुनवाई के दौरान 24 लोगाें की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग ने फैसला सुना दिया।

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यह था मामला
तीन जून, 2013 को फर्कपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि तिलक नगर निवासी अमनदीप कौर ने फंदा लगा लिया है। जिसका शव यमुनानगर सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखा हुआ है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए सीन ऑफ क्राइम टीम ने घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। फर्कपुर पुलिस को दी शिकायत में मृतका के पिता जसवंत (निवासी जगदीश पुरा थाना सदर कैथल) ने कहा कि छह मई, 2012 को उन्होंने अपनी बेटी अमनदीप कौर की शादी तिलक नगर निवासी सतविंद्र से की थी।
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शादी के कुछ दिन बाद उसके पति सतविंद्र, ससुर प्रसन्न सिंह, सास मनजीत कौर और ननद जसबीर कौर ने उनकी बेटी के साथ झगड़ा करना शुरू कर दिया। बेटी के ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए अमनदीप कौर के साथ मारपीट करते थे। जिसकी जानकारी बेटी ने टेलीफोन के जरिए उन्हें दी थी।

तीन जून की रात को करीब 10 बजे उनकी बेटी ने फोन पर उन्हें बताया था कि ससुराल पक्ष के लोग उसे ज्यादा तंग कर रहे हैं। उसके साथ मारपीट की जा रही है। अगर उन्हें दहेज नहीं दिया, तो वे उसे जान से मार देंगे।

तीन बजे के करीब अमनदीप के ससुर प्रसन्न सिंह ने उन्हें फोन पर बताया कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। सूचना मिलने के बाद परिवार के सभी लोग यमुनानगर पहुंच गए।

पुलिस ने जसवंत सिंह की शिकायत पर उनके दामाद सतविंद्र सिंह,प्रसन्न सिंह (मृतका का ससुर),सास मनजीत कौर और ननद जसबीर कौर के खिलाफ हत्या और दहेज हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।


जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सरकारी वकील रजनीश रायजादा के मुताबिक कोर्ट में करीब एक साल तक चली सुनवाई के दौरान 24 लोगोें की गवाही हुई।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

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